बहजोई में शिलापटों का निरीक्षण करते प्रभारी मंत्री व अन्य।
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उत्तर प्रदेश सरकार कम समय में योजनाओं को पूरा करने का काम कर रही है। अब तक दस महीने पूरे हो चुके है, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया है जो कि विकास के परे हो। सरकार प्रदेश भर के सभी जिलों में विकास कार्यों पर पूरा ध्यान दे रही है। जिले में कुल 30 करोड़, 94 लाख 13 हजार रुपये की धनराशि से होने वाली विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया जा रहा है। इसमें कुल 19 करोड़ 13 लाख 21 हजार रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और कुल 11 करोड़ 80 लाख 92 हजार रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण शामिल है।
यह बात बुधवार को बड़ा मैदान पर उत्तर प्रदेश दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित की गई ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, स्वच्छागृहियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं आशाओं की एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान संबोधित करते हुए सिंचाई मंत्री एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख ने कही।
उन्होंने कहा कि सरकार ने खुले में शौच मुक्त प्रदेश बनाने के लिए पूरे प्रयास किए हैं। पहले मां-बहनों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता था। इससे परेशानी भी होती थी। अब सरकार ने घर-घर शौचालय बनवाने का संकल्प लिया है, जिससे कि महिलाओं को शौच के लिए खुले में न जाना पड़े। सरकार पूरे प्रयास कर रही है कि वर्ष 2018 में हर घर में शौचालय व छत हो। अपात्रों की सूची मंगवाकर जांच कराई जा रही है। पात्रों को ही योजनाओं का लाभ देने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। नौजवानों को नौकरी व छात्राओं को बेहतर पढ़ाई के लिए भी सरकार प्रयासरत है।
इस बीच प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख ने सांसद सत्यपाल सिंह सैनी, गुन्नौर विधायक अजीत कुमार राजू व पालिकाध्यक्ष चंदौसी इंदुरानी के साथ दीप प्रज्जवलित किया। सांसद सत्यपाल सैनी ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने गरीबों के लिए तमाम योजनाएं चलाई हैं। इससे लोगों को लाभ भी मिल रहा है। जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह व पुलिस अधीक्षक रविशंकर छबि ने भी सरकारी योजनाओं से लोगों को मिलने वाले लाभों के बावत जानकारी दी। इस बीच स्कूली छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
मुख्य विकास अधिकारी शंभूनाथ तिवारी व एडीएम राजेंद्र प्रसाद यादव समेत डीडीओ अरविंद कुमार, एआर कॉपरेटिव योगेंद्रपाल सिंह, एडीआईओ मिथलेश कुमार, एसडीएम चंदौसी ओमवीर सिंह, डिप्टी कलक्टर प्रतिपाल सिंह चौहान, आशुलिपिक सुरेंद्र कुमार व सुनील दिवाकर मौजूद रहे। संचालन पीडी डीआरडीए हरेंद्र कुमार सिंह ने किया।