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श्रीराम दर्शन के लिए शंकर मदारी तो वानर बने हनुमान : स्वामी रामभद्राचार्य

Fri, 18 Apr 2025 02:00 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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बहजोई (संभल)। श्रीराम कथा सेवा समिति की ओर से हीरादेवी तोताराम कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित श्रीराम कथा के पांचवें दिन तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि विद्या ग्रहण करने के बाद हनुमान जी से सूर्य देव ने दक्षिणा स्वरूप अपने बेटे सुग्रीव को भगवान श्रीराम से मिलाने की बात कही। जिस पर हनुमान जी गुरु सूर्यदेव से आज्ञा लेकर किष्किंधा पर्वत पर पहुंचते हैं और सुग्रीव के मंत्री बनकर रहते हैं।
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स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि श्रीराम का अवतार हो गया, लेकिन हनुमान जी को शांति नहीं मिल रही है। प्रभु राम से मिलने के लिए शिवजी मदारी का तो हनुमान जी वानर का रूप धर लेते हैं और दोनों ही अवध में आते हैं। शिवजी ने डमरू बजाया। इस बीच डम-डम डमरू बजावे हमार जोगिया। रामचंद्र के दर्शन कारण शंकर बने मदारी, वानर हनुमान को करके अब चले भंडारी। छम-छम बानर नचावे हमार जोगिया। डम-डम डमरू बजावे हमार जोगिया, भजन सुनकर श्रोता नाचने-झूमने लगे।
जगद्गुरु बोले, वानर को देखकर श्रीराम प्रफुल्लित हो उठते हैं और पिता दशरथ से कहते हैं कि वानर चाहिए। इस बीच रामलला ने हनुमान जी से कहा, पुत्र आप नाचो, मैं आपको नचाऊंगा। रामलला के नचाने पर वानर बने हनुमान जी नाचते लगे। जगद्गुरु ने भजन सुनाया। ठुमक-ठुमक पग धरत कपिया, नाचे हनुमान नचाए रघुरइया। रामलला ने कहा कि हनुमान जी हम आपके साथ खेलेंगे। इस बीच बाल खंड की चौपाई बाल चरित हरि बहु विधि कीन्हा, के माध्यम से जगद्गुरु ने रामलला की हनुमान जी के साथ की गईं बाल लीलाओं का वर्णन किया। खेल-खेल में हनुमान जी रामजी के घोड़े बन गए।
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वनवास लीला का बखान करते हुए तुलसी पीठाधीश्वर ने कहा कि वनवास के समय भगवान रामचंद्र छोटे भाई लक्ष्मण के साथ किष्किंधा पर्वत की ओर जा रहे हैं तो उन दोनों को दूर से देखकर सुग्रीव हनुमान जी से कहते हैं कि वनवासी वेशभूषा में दो युवक किष्किंधा की ओर आ रहे हैं। देखने में तो किसी राज्य के राजकुमार लगते हैं, लेकिन वेशभूषा वनवासी होने के कारण आप ब्राह्मण वेश में जाओ और दोनों युवकों के बारे में पता लगाओ। हनुमान जी राम व लक्ष्मण के पास गए और श्रीराम से पांच प्रश्न किए। हनुमान जी बोले, सुंदर क्षत्रिय कुमार आप कौन है, श्रीराम ने कहा कि हम कौशलेश राम हैं, हम पिता का वचन मानकर आए हैं। वहीं, भगवान राम ने अपना चरित गाकर कहा। हनुमान जी बोले कि चरित ईश्वर का होता है, मनुष्य का नहीं। आप रघुनाथ जी हैं, आप गा रहे हैं। आप परमात्मा हैं। जगद्गुरु बोले, फिर क्या था चरण पकड़ लिए हनुमान जी ने। प्रभु श्रीराम ने हनुमान जी को गले से लगा लिया। हनुमान जी ने राम जी से कहा कि प्रभु इस पर्वत पर आपके दास सुग्रीव रहते हैं। इसके बाद जगद्गुरु ने भजन सुनाया। भजन सुनकर श्रोताओं की तालियों से पंडाल गूंज उठा। इसके बाद महाआरती हुई और प्रसाद वितरण किया गया। इस बीच प्रमोद रोरा, कमल कुमार कमल, अवनेश सराफ, अनुज हिटलर, गोविंद इलेक्ट्रॉनिक्स, सचिन कुमार नन्हा व टिंकू सेठ आदि रहे।


आज चार बजे से होगा श्रीराम कथा का बखान

आयोजक सेवानिवृत डीआईजी शिव कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि 18 अप्रैल को हीरादेवी तोताराम कन्या इंटर कॉलेज परिसर में श्रीराम कथा का बखान दोपहर बाद चार बजे से प्रारंभ होगा। श्रीराम कथा का आयोजन 19 अप्रैल तक है।
भाजपा जिलाध्यक्ष समेत अन्य भाजपाई भी पहुंचे

बहजोई। श्रीराम कथा में भाजपा जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह रिंकू व पूर्व जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह खडगवंशी समेत मंजू दिलेर चौहान, जिला पंचायत सदस्य अवधेश राघव, पालिकाध्यक्ष राजेश शंकर राजू, विकास वाष्र्णेय व नीरज वार्ष्णेय आदि रहे।
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