चंदौसी। परिषदीय विद्यालयों में बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शक्ति मंच का गठन किया जाएगा। इस मंच के माध्यम से नियमित बैठकों का आयोजन कर लेखन गतिविधियां, वाद-विवाद, चित्रकला, नाटक, गीत और कहानी जैसी गतिविधियों के जरिए विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही, विद्यालय न आने वाली बालिकाओं की पहचान कर उनके नामांकन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा और उन्हें शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के जारी नए सत्र के शैक्षिक कैलेंडर में मिशन शक्ति अभियान के तहत परिषदीय विद्यालयों में बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए शक्ति मंच के गठन के निर्देश दिए गए हैं। इस मंच की नियमित बैठकें होंगी, जिनमें सृजनात्मक लेखन, वाद-विवाद, चित्रकला, नाटक, गीत और कहानी जैसी गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। स्कूल से बाहर रह गईं बालिकाओं की सूची बनाना, उनके न आने के कारणों की पहचान करना और उनका नामांकन कराने में मदद करना शामिल होगा।
इसके साथ ही बालिकाओं की पढ़ाई में आने वाली समस्याओं पर चर्चा कर उनका समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। बाल एवं महिला अधिकारों, शिक्षा के महत्व, सामाजिक कुरीतियों, किशोरावस्था से जुड़ी समस्याओं और आत्मरक्षा के उपायों पर भी जागरूकता फैलाई जाएगी। इसके अलावा बाल कॉमिक्स बनाने, शिकायत पेटिका के जरिए बच्चों की समस्याओं के समाधान और हेल्पलाइन की जानकारी देने जैसे कार्य भी किए जाएंगे।
बीईओ देवेंद्र सिंह ने कहा कि शक्तिमंच से बालिकाओं को जागरूक और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। अधिक से अधिक बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।