संभल। भीषण गर्मी का असर बिजली आपूर्ति पर पड़ रहा है। बिजली विभाग की ओर से अघोषित कटौती की जा रही है और ट्रिपिंग की समस्या आम है। इससे उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। हाहाकार मचा हुआ है।
भीषण गर्मी में राहत के लिए बिजली विभाग आपूर्ति को रोस्टर के हिसाब से नहीं दे पा रहा है। तहसील में 21 घंटे 30 मिनट का रोस्टर तय है। अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार का कहना है कि जिले में लाइनलॉस हो रहा है। इसलिए जिले के संभल, चंदौसी और गुन्नौर डिवीजन में पांच-पांच फीडर चिह्नित किए गए हैं। जहां लाइनलॉस कम करने के लिए काम किया जाएगा। दरअसल ओवरलोड लाइनलॉस के चलते हो रहा है।
जिले में संभल, चंदौसी और गुन्नौर डिवीजन हैं। इस समय बबराला में सबसे ज्यादा लाइनलॉस चल रहा है। दूसरे नंबर पर संभल के पांच फीडर हैं। तीसरे नंबर पर चंदौसी डिवीजन के पांच फीडर विभाग ने चिह्नित किए हैं। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि मई के अंतिम सप्ताह में बिजली की खपत 410 एमबीए थी। इस समय 470 एमबीए हो गई है। जो गर्मी ज्यादा होने के चलते खपत बढ़ी है। बताया कि रात को 11 बजे से सुबह 4 बजे तक ओवरलोड की समस्या रहती है। इसलिए टीमों को लगाकर चेकिंग कराई जा रही है।।
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मुख्यालय में ओवरलोड बड़ी समस्या
जिले का मुख्यालय बहजोई है। जहां रोस्टर के हिसाब से 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जानी है लेकिन ट्रिपिंग और कटौती हो रही है। अधीक्षण अभियंता का कहना है कि बहजोई में ओवरलोड बड़ी समस्या है। इसलिए ट्रिपिंग और कटौती की समस्या चल रही है। दो बिजलीघर का निर्माण पूरा हो गया है। जल्द ही उनके संचालित होने से बिजली आपूर्ति दुरुस्त हो जाएगी।
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देहात क्षेत्र में स्थित ज्यादा खराब
भीषण गर्मी में देहात क्षेत्र की स्थिति ज्यादा खराब है। रोस्टर के हिसाब से आपूर्ति नहीं मिल पा रही। दिन में तीन से चार घंटे आपूर्ति मिलती है और यही स्थिति रात की है। इससे देहात क्षेत्र के लोग परेशान हैं। हालांकि विभाग ट्रिपिंग की समस्या को मान रहा है लेकिन कटौती नहीं होने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जो बिजली आपूर्ति सात से आठ घंटे मिलती है उसमें कटौती और ट्रिपिंग शामिल है।
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रिवैंप योजना के तहत जो विद्युतीकरण किया गया है। उससे काफी राहत मिली है। पिछले वर्ष के मुकाबले ट्रांसफार्मर भी कम फुंके हैं। संभल में ट्रिपिंग और कटौती की समस्या को दिखवाया जाएगा। जिन फीडर पर लाइनलॉस ज्यादा है वह चिन्हित कर लिए गए हैं। वहां अभियान चलाकर लाइनलॉस कम किया जाएगा। बबराला में सबसे ज्यादा लाइनलॉस है। इसके बाद संभल डिवीजन के पांच फीडर शामिल हैं।
विनोद कुमार, अधीक्षण अभियंता, संभल