नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों पर शिकंजा कसने का मन बना लिया है। शिक्षा निदेशक बेसिक ने कहा कि ऐसे स्कूलों के खिलाफ निर्देश और प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। यह निदेश प्रदेश भर के मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को मिला है।
निशुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने के बाद बिना मान्यता प्राप्त किए कोई स्कूल संचालित नहीं किया जा सकता। बावजूद लोगों ने स्कूल संचालित कर रखे हैं। पिछले वर्ष भी जनपद संभल में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने तमाम स्कूल चिह्नित करते हुए कार्रवाई कराई थी। इसके तहत नोटिस देकर स्कूल बंद कराए गए थे।
अब नया शिक्षा सत्र शुरू होने वाला है। इसलिए शिक्षा विभाग कार्रवाई कराने की तैयारी करने लगा है। शिक्षा निदेशक बेसिक ने पत्र में कहा है कि नियम और शर्तों के अनुरूप ही स्कूलों को मान्यता दी जा सकेगी। कोई व्यक्ति मान्यता प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना विद्यालय स्थापित करता है या चलाता है या मान्यता वापस लेने के बाद विद्यालय चलाना जारी रखता है तो एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकेगा।
उल्लंघन जारी रखने पर प्रत्येक दिन 10 हजार रुपये तक का दायी होगा। इसके अलावा अधिनियम की धाराओं को राज्य सरकार द्वारा निशुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार नियमावली 2011 द्वारा लागू किया जा चुका है। ऐसे में कोई बिना मान्यता प्राप्त किए स्कूल संचालित करता है तो नियम का पालन कराएं। ब्यूरो