जुनावई ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत लाबर में शौचालय के निर्माण में 5.64 लाख रुपये की घपलेबाजी की गई। 44 लाभार्थियों के साथ यह घपलेबाजी हुई है। डीएम मनीष बंसल द्वारा गठित जांच कमेटी ने मामले की जांच करके रिपोर्ट डीपीआरओ को भेजी। डीपीआरओ ने डीएम को रिपोर्ट सौंपी तो डीएम ने दोषी प्रधान और सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
जुनावई ब्लॉक क्षेत्र के गांव लाबर निवासी मोहर सिंह पुत्र कल्लू ने बताया कि डीएम से सात अक्तूबर 2020 को शिकायत की गई थी कि बिना शौचालयों का निर्माण कराए ही शासकीय धनराशि निकाल ली गई। डीएम ने प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित की। जांच अधिकारी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधन सहकारिता अधिकारी वीरेंद्र प्रकाश उपाध्याय ने गांव लाबर में शौचालय की जांच पड़ताल की। जांच रिपोर्ट 15 जुलाई को डीएम सौंप दी गई। जांच पड़ताल के दौरान छह लाभार्थी ऐसे पाए गए, जिनको प्रथम किस्त ही मिली थी। जबकि 44 लाभार्थी ऐसे भी पाए गए जिनको अभी तक कोई किस्त नहीं मिली। पता चला कि जांच पड़ताल में 5.64 लाख रुपये तत्कालीन ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव के द्वारा गबन किया गया है। इसके बाद डीपीआरओ जाहिर हुसैन ने ग्राम प्रधान और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। जवाब न देने पर 19 सितंबर को फिर दोनों को नोटिस जारी जवाब मांगा गया। अब डीएम ने मामले में दोषी प्रधान और सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।