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मृत किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही थी सम्मान निधि

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चंदौसी। जिन किसानों की मौत हो चुकी है उनके बैंक खातों में सम्मान निधि जा दी जा रही है। विभागीय सत्यापन में मामला पकड़ में आया है। जिले में 1184 किसान अपात्र मिले हैं। मृत और अपात्र किसानों के खातों में भेजी गई सम्मान निधि को अब विभाग वापस वसूलेगी। संभल जनपद में करीब 3.23 लाख किसान पंजीकृत हैं। इनमें से 2.84 लाख किसानों को सम्मान निधि की पहली किश्त मिल चुकी है। शासन को शिकायत मिल रही थी कि कुछ किसान ऐसे भी हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। इसके बाद भी उनके बैंक खातों में सम्मान निधि भेजी जा रही है। अन्य अपात्र किसान भी सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं।
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शासन ने संभल जनपद में कृषि विभाग को पोर्टल पर वर्ष 2020 से पहले पंजीकृत करीब 12 हजार 497 किसानों की सूची सौंपी। पात्रता के लिए उनका सत्यापन कराने के निर्देेश दिए हैं। कृषि विभाग ने ब्लॉक स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को उनकी ग्राम पंचायत में लाभ लेने वाली सूची में शामिल किसानों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। सत्यापन रिपोर्ट पूरी हुई, तो मामला पकड़ में आए।
सत्यापन में 1184 किसान अपात्र में मिले। इनमें से अधिकांश किसान ऐसे हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। उनकी मृत्यु के बाद भी सम्मान निधि उनके बैंक खातों में भेजी जा रही थी। अपात्रता की सूची में योजना का लाभ लेने वाले दंपती किसान, भूमिहीन किसान, डबल पंजीकृत किसान भी मिले हैं। विभाग ने सभी की रिपोर्ट तैयार कर ली है और शासन को भेज दी गई है। अब उनकी सम्मान निधि पर रोक लगा दी गई। अपात्र को भेजी की सम्मान निधि वसूलने की तैयारी है।
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