फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संभल हिंसा पर सबके अपने तर्क: पुलिस का दावा और सपा का आरोप; जानिए किसका क्या है पक्ष

Tue, 26 Nov 2024 01:52 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल हिंसा को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की एफआईर में यह हिंसा पूरी तरह से सुनियोजित बताई है। एफआईआर में सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क को आरोपी नंबर वन बनाया है। साथ ही सपा विधायक के बेटे सुहेल इकबाल को नंबर दो आरोपी बनाया है। जबकि जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है।
विज्ञापन
संभल हिंसा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संभल हिंसा में पुलिस ने समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क, विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल समेत 2750 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। बर्क और सुहैल पर बलवा कराने की साजिश का आरोप है। वहीं तीन महिलाओं समेत 27 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया। इस मामले में समाजवादी पार्टी का अपना रुख है वहीं पुलिस का दावा कुछ अलग ही कह रहा है। आइए जानते हैं कि समाजवादी पार्टी और पुलिस के बयानों में किसका क्या पक्ष है।

विज्ञापन

संभल हिंसा में कौन है आरोपी नंबर वन
पुलिस की एफआईआर में सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क को आरोपी नंबर वन बनाया गया है। एफआईआर में सपा विधायक के बेटे सुहैल इकबाल को नंबर दो आरोपी बनाया गया है। इन दोनों के अलावा 2750 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने हिंसा में सात एफआईआर दर्ज की हैं। संभल में हुए बवाल के आरोपियों की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश जारी है। अब तक 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें तीन नाबालिग भी हैं। एक दर्जन से ज्यादा लोग हिरासत में हैं। 

पुलिस की एफआईआर में क्या लिखा है
पुलिस की एफआईआर कॉपी सामने आई है। एफआईआर के अनुसार, अदालत के आदेश पर 24 नवंबर को संभल की जामा मस्जिद का सर्वे किया जा रहा था, इसी दौरान लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ मानने के लिए तैयार नहीं थी। भीड़ ने जामा मस्जिद के सर्वे की प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया। हिंसा में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क का नाम है। 

बवाल के जिम्मेदार पुलिस-प्रशासन के अधिकारी: बर्क
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को बवाल का जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि मैं अपने लोगों की आवाज न उठा सकूं, इसलिए मेरे खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, लेकिन मैं खामोश नहीं रहूंगा। इस मामले को सोमवार को सदन में भी रखा। आगे भी सदन में रखा जाएगा। सांसद ने आरोप लगाया कि सीओ संभल ने घटना कराई है। सीओ की संपत्ति के दस्तावेज मुझे मिले हैं। उन दस्तावेज के सहारे जांच कराने की मांग करूंगा, जिससे सीओ की हकीकत सामने आ सके। 

हिंसा के दौरान भीड़ में शामिल था सुहैल इकबाल
एफआईआर के अनुसार, 24 नवंबर को सर्वे की प्रक्रिया को बाधित करने आई भीड़ के बीच में सपा विधायक के पुत्र सुहैल इकबाल भी मौजूद था। सुहैल ने भीड़ को उकसाया था, कहा था कि सांसद जियाउर रहमान बर्क हमारे साथ हैं। हम तुम्हारे साथ हैं, आप लोगों को कुछ नहीं होने देंगे। आप लोग अपने मंसूबों को पूरा करो, इतना सुनते ही भीड़ और भी उग्र हो गई। इस बीच भीड़ से आवाज आई कि सर्वे नहीं होने देंगे। एफआईआर में लिखा है कि राजनीति लाभ लेने के लिए भीड़ को उकसाया गया है।

सपा विधायक इकबाल का बयान
संभल से विधायक इकबाल महमूद ने कहा कि मेरा बेटा जामा मस्जिद या उसके आसपास भी नहीं पहुंचा। इसके बाद भी रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। मेरे बेटे के खिलाफ यदि कोई सुबूत है तो पुलिस दिखाए। मुझे उम्मीद है कि पुलिस जांच करेगी तो हकीकत सामने आ जाएगी और बेटे का नाम इस मुकदमे से निकाला जाएगा। 

भीड़ से आई थी पुलिस वालों को मार दो की आवाज: एफआईआर
दर्ज एफआईआर के अनुसार, भीड़ के बीच से चिल्लाते हुए आवाज आई कि इन पुलिस वालों के हथियार और कारतूस छीन लो, इन्हें आग लगाकर मार दो, कोई भी बचकर नहीं जाने पाए। हम अपनी मस्जिद का सर्वे नहीं होने देंगे। 

बिना दूसरे पक्ष सुने दिया सर्वे का आदेश: अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि संभल की शाही जामा मस्जिद के संबंध में 19 नवंबर को सिविल जज चंदौसी के यहां याचिका दायर की गई। दूसरे पक्ष को सुने बिना सर्वे का आदेश दिया गया। आदेश मिलने के बाद संभल के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बिना आर्डर पढ़े 2 घंटे में ही सर्वे के लिए पुलिस लेकर जामा मस्जिद पहुंच गए। जामा मस्जिद की कमेटी और उलमा समेत सभी पक्षों ने सहयोग दिया। अखिलेश ने सवाल उठाया कि जब 24 नवंबर की सुबह दोबारा सर्वे क्यों किया गया। प्रशासन का रवैया तानाशाही भरा रहा। वीडियो रिकॉर्डिंग है कि पुलिस ने सरकारी और प्राइवेट असलहों से गोलियां चलाई हैं।

अखिलेश यादव की हिंसा के बाद प्रतिक्रिया
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि संभल के मामले में उनकी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है। घटना के दिन बर्क संभल में नहीं थे। वे बेंगलुरु एक कार्यक्रम में थे। कहा-सरकार यह बताए कि मस्जिद का दुबारा सर्वे किसके आदेश से हुआ। उन्होंने जिम्मेदार अफसरों को निलंबित कर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। अखिलेश यादव ने कहा कि संभल में दंगा भाजपा सरकार ने जानबूझकर अपनी विफलता छिपाने और जनता का ध्यान हटाने के लिए कराया है। वहां पुलिस ने सरकारी और निजी हथियारों से गोली चलाई है। लोग तो यह भी कह रहे हैं कि साबरमती फिल्म देखकर कुछ लोगों को लगा कि उन्हें भी बड़ा नेता बनना है, इसीलिए यह सब कराया। उपचुनाव में वोटों की चोरी और चुनावी धांधली से ध्यान हटाने के लिए भाजपा सरकार ने ही दंगा कराया है।
विज्ञापन

पुलिस ने पूछताछ के लिए सदर को बुलाया
संभल हिंसा मामले में पुलिस ने जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट को पूछताछ के लिए बुलाया है। उनकी भूमिका की भी जांच होगी। पुलिस ने कहा कि भड़काऊ बयानों के बाद ही सर्वे के दौरान हिंसा भड़की। 

जामा मस्जिद के सदर का आरोप
जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट ने सोमवार शाम प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया कि बवाल के लिए एसडीएम और सीओ जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि डीएम और एसपी के मना करने के बाद भी एसडीएम ने हौज का पानी निकलवाया तो मस्जिद के पास खड़ी भीड़ को भ्रम हुआ कि बिना अनुमति मस्जिद की खोदाई शुरू करा दी गई है। लोगों ने जानकारी मांगी तो सीओ ने लाठीचार्ज करते हुए गोली मारने की धमकी दी। इसके कारण बवाल हुआ। प्रेसवार्ता के बाद जफर अली को बुलाकर पुलिस ने पूछताछ की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें