मंगलवार की दोपहर करीब 12 बजे से सुहेल इकबाल से एसआईटी ने पूछताछ शुरू की थी। यह पूछताछ शाम को करीब पांच बजे तक चलती रही। इस दौरान सुहेल इकबाल के साथ कई अधिवक्ता भी कोतवाली में जमे रहे। पूछताछ के बाद बाहर निकले सुहेल इकबाल ने कहा कि उन्होंने एसआईटी को पूरा भरोसा दिया है कि जब भी सहयोग की जरूरत होगी वह करने के लिए तैयार हैं। आगे कहा कि बवाल से जुड़े तमाम सवाल एसआईटी द्वारा किए गए हैं। जिनका सही जवाब दे दिया गया है। बताया कि यह पूछताछ उनके व सांसद जियाउर्रहमान बर्क के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे से जुड़े मामले में की गई है। नोटिस के आधार पर वह कोतवाली पहुंचे। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि विवेचक ने जांच को आगे बढ़ाने के लिए नामजद आरोपी सुहेल इकबाल से पूछताछ की है। यदि जरूरत पड़ेगी विवेचक को पूछताछ करने की तो दोबारा से बुलाया जाएगा। जांच में सहयोग के लिए ही नोटिस तामील कराया गया था।
सांसद से भी एसआईटी कर चुकी है पूछताछ
मुकदमा अपराध संख्या 335/24 में सांसद जियाउर्रहमान बर्क से भी एसआईटी पूछताछ कर चुकी है। इसी मुकदमे में जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट आरोपी बनाए गए हैं। उनकी गिरफ्तारी 23 मार्च को हुई थी। उसके बाद से वह जेल में बंद हैं। एसपी ने बताया कि बवाल के बाद दर्ज की गई एफआईआर में सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक के बेटे सुहेल इकबाल नामजद आरोपी हैं। 800 अज्ञात को भी आरोपी बनाया गया था। एसपी ने बताया कि जामा मस्जिद कमेटी के सदर की भूमिका बवाल की साजिश रचना में सामने आई थी।
सुहेल पर है भीड़ को भड़काने और सांसद पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप
24 नवंबर को जामा मस्जिद का सर्वे चल रहा था। इसी दौरान यह बवाल भड़का था। इस बवाल में सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा था। जबकि सुहेल इकबाल पर भीड़ को उकसाने का आरोप है। इसी मुकदमे में जामा मस्जिद कमेटी के सदर पर बवाल की साजिश रचने और गंभीर अपराध में झूठे बयान देने जैसे आरोप हैं।
विवेचक द्वारा नोटिस तामील कराया गया था। उसी क्रम में कोतवाली में सुहेल इकबाल से पूछताछ की गई है। विवेचक द्वारा जांच में सहयोग लिया गया है। जिससे विवेचना आगे बढ़ सके। -कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी, संभल।