एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि एसआईटी बवाल का मामला देख रही है। सुहेल इकबाल पर भीड़ को उकसाने का आरोप है। इसलिए विवेचक ने सहयोग के लिए बुलाया है। इसी क्रम में नोटिस तामील कराया गया है। बता दें इसी मामले में जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट की गिरफ्तारी हो चुकी है। वह 23 मार्च से जेल में बंद हैं। एसपी ने बताया कि 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान जो बवाल हुआ था। उसमें एक एफआईआर मुकदमा अपराध संख्या 335/24 में दर्ज हुई थी। जिसमें सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक के बेटे सुहेल इकबाल नामजद आरोपी हैं। अन्य अज्ञात आरोपी बनाए गए थे।
इस मुकदमे में जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट की भूमिका मिलने पर उनकी गिरफ्तारी की जा चुकी है। उनके खिलाफ बवाल की साजिश रचने और गंभीर अपराध में झूठे बयान देने जैसे आरोप हैं। मालूम हो इस मुकदमे सांसद पर भड़काऊ भाषण देने और विधायक के बेटे पर बवाल भड़काने का आरोप है।
न्यायिक जांच आयोग के सामने भी सांसद और विधायक के बेटे ने दर्ज कराए थे बयान
बवाल में न्यायिक जांच आयोग की भी जांच चल रही है। इस मामले में सांसद और विधायक के बेटे को आयोग ने लखनऊ बुलाया था। जहां बयान दर्ज किए गए थे। अब बवाल की साजिश के आरोप में बयान दर्ज किए जाने हैं। सांसद के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। नामजद आरोपियों में सुहेल इकबाल के बयान अब दर्ज किए जाने हैं। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मंगलवार की सुबह 10 बजे बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।
विवेचक द्वारा नोटिस तामील कराया गया है। जांच में सहयोग के लिए बयान दर्ज किए जाने हैं। कोतवाली में मंगलवार की सुबह 10 बजे बुलाया गया है। उसके बाद जांच आगे बढ़ेगी। -कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल