संभल में 24 नवंबर की हिंसा की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय आयोग मंगलवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बयान दर्ज करेगा। कोई भी व्यक्ति घटना से जुड़ी जानकारी आयोग को लिखित में दे सकता है। हिंसा में पांच लोगों की मौत और कई घायल हुए थे।
संभल में 24 नवंबर को हुई हिंसा के मामले में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के समक्ष मंगलवार को संबंधित के बयान दर्ज होंगे। कोई भी व्यक्ति घटना से संबंधित जानकारी लिखित में आयोग सदस्यों के समक्ष दे सकता है। अभी तक किसी ने भी घटना से संबंधित जानकारी आयोग के समक्ष प्रस्तुत नहीं की है।
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आयोग के सदस्य संभल के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक रहेंगे। न्यायिक जांच आयोग के सचिव की ओर से कहा गया है कि घटना से संबंधित कोई जानकारी किसी व्यक्ति को देनी है तो वह दे सकता है। पूर्व सूचना के अनुसार किसी ने भी कोई जानकारी आयोग को नहीं भेजी है और न दी है।
इसलिए दोबारा से अवसर दिया गया है। मालूम हो 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल हो गया था। इसमें पांच लोगों की जान गई थी। 29 पुलिसकर्मी और कई भीड़ में शामिल लोग घायल हो गए थे। उपद्रवियों ने पुलिस पर फायरिंग की थी और आगजनी व तोड़फोड़ कर दी थी।
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बड़ी घटना के चलते तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया था। आयोग के दो सदस्य संभल बवाल की स्थिति देखने के लिए भी पहुंचे थे। अधिकारियों से जानकारी ली थी और जहां-जहां घटना हुई थी वहां का मुआयना किया था।
इस तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग में रिटायर्ड जज देवेंद्र अरोड़ा को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी और पूर्व डीजीपी एके जैन व रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद सदस्य के रूप में शामिल हैं।