चंदौसी(संभल)। 24 नवंबर को संभल में हुए बवाल में शुक्रवार को सुनवाई के बाद आरोपियों की 18 और जमानत अर्जियां खारिज कर दी गईं। आरोपियों को अब उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।अपर जनपद न्यायाधीश/रेप केसेज एंड पॉक्सो एक्ट निर्भय नारायण राय के न्यायालय में सरकार की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि शुक्रवार को संभल बवाल के आरोपियों की 18 जमानत अर्जियों पर सुनवाई हुई। जिसमें संभल थाने में दर्ज एक एफआईआर के आरोपी रेहान, नदीम, रेहान अली, सुभान उर्फ मुन्ना तथा इसी थाने की दूसरी एफआईआर में आरोपी सलीम, नदीम, शारिक, रेहान व तीसरी एफआईआर के आरोपी आफताब, मो. फैजान, याकूब, सुभान उर्फ मुन्ना, चौधी एफआईआर के आरोपी सुभान उर्फ मुन्ना तथा नखासा थाने में दर्ज दो एफआईआर के आरोपी अदनान, मो. आकिब के जमानत अर्जियों पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद सभी 18 जमानत अर्जियों को न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया।
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बता दें कि 19 नवंबर 2024 को संभल की शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने का दावा करते हुए वाद दायर किया गया था। उसी दिन कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किए और शाम को कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव ने प्रशासन व पुलिस प्रशासन की मदद से जामा मस्जिद का सर्वे किया। 24 नवंबर की सुबह साढ़े सात बजे जब कोर्ट कमिश्नर दोबारा सर्वे करने पहुंचे तो बवाल हो गया था। जिसमें चार लोगों की जान चली गई। इस मामले में पुलिस ने थाना संभल और नखासा में सात मुकदमे दर्ज किए थे।