संभल प्रशासन ने शहबाजपुर सूरा नगला में प्रस्तावित नेजा मेले की अनुमति रद्द कर दी। इसके बाद कोई तैयारी नहीं हो सकी और मेला स्थल पर पुलिस बल तैनात रहा। एएसपी श्रीश चंद्र ने स्पष्ट किया कि सैयद सालार मसूद गाजी की याद में कोई आयोजन नहीं होने दिया जाएगा।
संभल कोतवाली क्षेत्र के गांव शहबाजपुर सूरा नगला में मंगलवार को नेजा मेले का आयोजन किया जाना था। इस मेले की अनुमति प्रशासन ने देने से इनकार किया तो मेले की कोई तैयारी नहीं हो सकी। स्थिति देखने के लिए एएसपी श्रीश्चंद्र और सीओ अनुज चौधरी फोर्स के साथ मेला स्थल पर पहुंचे।
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ग्रामीणों को बुलाकर हिदायत दी गई कि नेजा मेले का आयोजन नहीं किया जाना है। इसलिए कोई भी व्यक्ति प्रयास न करे। यदि कोई ऐसा करता है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने एहतियाती तौर पर शाम तक फोर्स भी तैनात रखी। जिससे कोई परंपरा पूरी न कर ली जाए।
हालांकि ग्राम पंचायत की ओर से सद्भावना मेला बताकर अनुमति मांगी गई थी लेकिन वह अनुमति भी नहीं मिली। प्रशासन को जानकारी मिली थी कि नेजा मेला शहबाजपुर सूरा नगला से ही शुरू किया जाता है। इसके अगले दो दिन संभल शहर में आयोजित होता है।
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गांव शहबाजपुर सूरा नगला में स्थित मजार शाह भोले शाह पर यह आयोजन किया जाता रहा है। इस बार अनुमति नहीं मिलने के कारण आयोजन नहीं किया जा सका। एएसपी ने कहा कि सैयद सालार मसूद गाजी की याद में नेजा मेला आयोजित किया जाता था।
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सैयद सालार मसूद गाजी हत्यारा और लूटेरा था। उसकी याद में कोई आयोजन नहीं करने दिया जाएगा। 18 मार्च को नेजा मेले की ढाल लगनी थी लेकिन उसको भी अनुमति नहीं दी गई। जब ढाल नहीं लगी तो नेजा मेले भी आयोजित नहीं होगा।
मालूम हो 25 मार्च को नेजा मेला शहबाजपुर सूरा नगला में आयोजित किया जाना था। 26 मार्च को पालिका के मैदान में और 27 मार्च को बादल गुंबद का मेला लगना था।
संभल और शहबाजपुर सूरा नगला का मेला सैयद सालार मसूद गाजी की याद में लगाया जाता है। इस बार मेले आयोजित करने के लिए अनुमति नहीं दी गई। शहबाजपुर सूरा नगला में मेला स्थल का जायजा लेने के लिए पहुंचे थे। लोगों ने समझदारी दिखाते हुए कुरीति को त्याग दिया है। यह समाज के लिए अच्छा संदेश है।- श्रीश्चंद्र, एएसपी, संभल।