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Sambhal: सीओ अनुज चाैधरी के खिलाफ हुई जांच पर आपत्ति, एएसपी पर कार्रवाई की मांग, अमिताभ ठाकुर ने उठाए सवाल

Sun, 20 Apr 2025 07:05 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, संभल

सार

आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने सीओ संभल अनुज चौधरी को क्लीन चिट दिए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने जांच अधिकारी एएसपी श्रीश्चंद्र के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। ठाकुर का आरोप है कि उन्हें अपनी बात और सबूत रखने का मौका नहीं दिया गया।
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संभल में सीओ अनुज चाैधरी, एएसपी के साथ गश्त करते हुए - फोटो : संवाद
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विस्तार
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आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने सीओ संभल अनुज चौधरी के खिलाफ सेवा नियमावलियों के लगातार उल्लंघन के आरोपों में क्लीन चिट दिए जाने पर आपत्ति की है। साथ ही अब उन्होंने जांच अधिकारी रहे एएसपी संभल  श्रीश्चंद्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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अमिताभ ठाकुर ने अनुज चौधरी पर लगातार सेवा नियमावलियों तथा वर्दी नियमावलियों के उल्लंघन किए जाने, बिना अधिकारिकता के बयानबाजी करने, पुलिसिंग तथा अपने कार्यों को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग देने आदि आरोप लगाए थे। 

इस संबंध में आईजी कानून व्यवस्था एलआर कुमार ने गृह विभाग को पत्र लिखकर बताया कि इस मामले में एएसपी संभल श्रीश चंद ने जांच की, जिन्होंने पाया कि संभल में जुमा अलविदा, होली और ईद का त्योहार शांतिपूर्वक माहौल में संपन्न हुआ तथा अन्य आरोप के संबंध में कोई पुष्टिकारक साक्ष्य प्रकाश में नहीं आए, जिस आधार पर शिकायत निस्तारित कर दी गई। 
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अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी को पत्र लिखकर कहा है कि मुख्य सचिव द्वारा पारित विभिन्न शासनादेश के अनुसार जनसुनवाई शिकायत में शिकायतकर्ता के बयान आवश्यक हैं। इस मामले में जहां अनुज चौधरी और अन्य लोगों के बयान लिए गए, वहीं उन्हें अपनी बात और सबूत प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिला।

प्रथमदृष्टया इसे आपत्तिजनक बताते हुए उनके आरोपों की किसी वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराए जाने और शासनादेश का उल्लंघन किए जाने के संबंध में एएसपी संभल श्रीश्चंद्र के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

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साल में 52 जुमे वाले बयान पर संभल के सीओ अनुज चौधरी को क्लीन चिट
साल में 52 जुमे और होली एक बार... वाला बयान देने वाले संभल के सीओ अनुज चौधरी को इस मामले की जांच बाद क्लीन चिट मिल गई है। पूर्व आईपीएस एवं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने इस बयान को पुलिस सेवा नियमावलियों का उल्लंघन बताया था। शासन स्तर पर शिकायत की थी।

आला अफसरों की जांच में शिकायत सही नहीं पाई गई। इस शिकायत की जांच संभल के एएसपी श्रीश्चंद्र द्वारा की गई थी। एएसपी ने बताया कि जांच में कोई साक्ष्य ऐसा नहीं मिला जिससे आरोप सही पाए जाते। इसके चलते आरोप खारिज करते हुए क्लीनचिट दे दी गई है।

इस मामले में एसपी (लॉ एंड ऑर्डर) मनोज कुमार अवस्थी ने आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) को पत्र लिखकर आरोप खारिज किए जाने की जानकारी दी है। अमिताभ ठाकुर ने अपनी शिकायत में कहा था कि अनुज चौधरी द्वारा सेवा नियमावलियों और वर्दी नियमावलियों का उल्लंघन किया जा रहा है।

इसके मामले लगातार सामने आ रहे हैं। आरोप यह भी लगाया था कि बिना अधिकारिकता के बयानबाजी करने, पुलिसिंग तथा अपने कार्यों को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग देने, सेवा नियमावलियों से इतर कार्य कर माहौल को तनावग्रस्त करने तथा वर्ग विशेष में असुरक्षा की भावना उत्पन्न कर रहे हैं।

इस शिकायत के बाद ही आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) ने एसपी एसपी (लॉ एंड ऑर्डर) को जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद संभल में तैनात एएसपी श्रीश्चंद्र ने जांच की। जांच के दौरान एएसपी ने स्थानीय उन लोगों के बयान लिए, जो पीस कमेटी की उस बैठक में मौजूद थे, जहां सीओ ने ऐसा बोला था।

इसके अलावा सीओ की बात का समर्थन करने वाले जनता कल्याण समिति के अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा और असमोली के गांव दबोई निवासी यासीन के बयान भी दर्ज किए थे। अनुज चौधरी ने कहा कि उनकी बातों से किसी भी धर्म विशेष की भावनाएं आहत नहीं हुई थी। मात्र कुछ व्यक्तियों द्वारा राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से उसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

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सीओ के दो बयान रहे थे चर्चा में

पहला बयान: सीओ अनुज चौधरी ने 6 मार्च को संभल कोतवाली में पीस कमेटी की बैठक में कहा था कि होली का पर्व साल में एक बार आता है। जबकि जुमे की नमाज साल में 52 बार होती है। जिन मुसलमानों को रंग से परहेज है, वे रंग के दौरान घर से न निकलें। आगे कहा था कि या फिर दिल बड़ा रखें और होली के रंग से परहेज न करें।

दूसरा बयान: ईद को लेकर 28 माच को हुई बैठक में सीओ ने कहा था कि यदि ईद की सेवई खिलानी हैं तो गुजिया भी खानी होगी। सीओ ने जांच के दौरान दिए बयान में कहा है कि वह दोनों समुदायों के बीच शांति कायम करने के लिए प्रयास कर रहे थे। उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है जिससे किसी समुदाय की भावना आहत हों। 

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