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Sambhal violence: मेटा से नहीं मिला डाटा, आरोपियों के मोबाइल रिकवरी का इंतजार, इस तरह होगा साजिश का राजफाश

Sun, 20 Apr 2025 06:53 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, संभल

सार

संभल बवाल की साजिश का राजफाश करने के लिए एसआईटी ने मेटा से डाटा मांगा था। उसे यह अब तक नहीं मिल पाया है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल से मिले और डिलीट हो चुके डाटा की रिकवरी करवा रही है। इस केस में सांसद, विधायक का बेटा और जामा मस्जिद के सदर भी आरोपी हैं।
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संभल में हिंसा (फाइल) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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संभल बवाल की साजिश का राजफाश करने के लिए एसआईटी ने मेटा से डाटा मांगा था लेकिन अभी पुलिस को यह डाटा नहीं मिला है। फिलहाल पुलिस सोशल मीडिया के उस डाटा पर काम कर रही है जो आरोपियों से बरामद हुए मोबाइल से मिला था या डिलीट हो चुका है।

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डिलीट हो चुके डाटा को एक्सपर्ट से रिकवर कराया जा रहा है। जिससे बवाल की साजिश का राजफाश हो सके। यह छानबीन उस मुकदमे में की जा रही है जिसमें सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद का बेटा सुहेल इकबाल आरोपी हैं। जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट की भूमिका भी इसी मुकदमे में मिली है।

उनकी गिरफ्तारी हो चुकी है। 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान जो बवाल हुआ, उसकी साजिश किसने रची। यह जानकारी पुलिस को नहीं हो सकी है। इस राज को खोलने के लिए पुलिस की एसआईटी काम कर रही है। 23 नवंबर की देर रात से 24 नवंबर की दोपहर तक सोशल मीडिया पर क्या गतिविधियां रही हैं।
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इस जानकारी के लिए मेटा से डाटा पुलिस ने मांगा है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि मेटा से डाटा मांगा गया है लेकिन डाटा नहीं मिला है। जो डाटा टीम ने व्हाट्स ग्रुप से बरामद किया था। उसकी छानबीन की जा रही है। जिससे बवाल की साजिश का राजफाश हो सके। 

कई ऐसे तथ्य प्रकाश में आए हैं जो बवाल की साजिश से जुड़े हैं। जांच पड़ताल अभी जारी है। आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जानी है।

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सांसद पर है भड़काऊ भाषण देने व विधायक के बेटे पर ही भीड़ को उकसाने का आरोप
जामा मस्जिद के नजदीक शुरू हुए बवाल में एक मुकदमा अपराध संख्या 335/24 में दर्ज किया गया था। इस मुकदमे में सांसद पर भड़काऊ भाषण देने और विधायक के बेटे पर भीड़ को भड़काने का आरोप है। इसी मुकदमे में जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट की भूमिका प्रकाश में आई है। उनको 23 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया है। अभी वह जेल में है और उनकी सुनवाई की अगली तिथि 28 अप्रैल है।
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मेटा से जो डाटा मांगा गया है वह अभी मिला नहीं है। जो डाटा एसआईटी को मोबाइल से मिला था या डिलीट कर दिया गया था। उसकी रिकवरी के लिए टीम काम कर रही है। इसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल

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