काम दिलाने के बहाने तीन बच्चों की मां को रिश्ते का चाचा बलिया जिले से अपने साथ ले आया और चंदौसी के गांव नवाबपुरा में 40 हजार रुपये में बेचकर उसकी दूसरी शादी करा दी। दूसरे पति ने नशे में मारपीट के दौरान उसे खरीदने का राज खोला तो घबराई महिला मौका मिलते ही बच्चों के साथ कोतवाली पहुंच गई। महिला की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करते हुए पुलिस ने रिश्ते के चाचा, दूसरे पति और शादी में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया।
जिला बलिया के गांव शिवरामपुर मोहन छपरा निवासी 27 वर्षीय महिला गुरुवार की सुबह चंदौसी कोतवाली पहुंची। उसके साथ तीन बच्चे थे। उसने पुलिस को बताया कि बलिया के शिवरामपुर मोहन छपरा गांव में घर के करीब रहने वाला रिश्ते का चाचा संजय यादव उसे काम दिलाने के बहाने से दस दिन पहले अपने साथ ले आया था। उसके तीन बच्चे भी साथ थे। चाचा ने उसे यहां चंदौसी क्षेत्र के गांव मुड़ियाखेड़ा में अपनी बहन के घर पर रखा।
काम दिलाने के लिए उसकी दूसरी शादी जरूरी बताते हुए नवाबपुरा गांव के नैन सिंह के साथ 19 मार्च को उसकी शादी करवा दी। शादी कराने में नवाबपुरा गांव के वेदपाल और संजय ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। पेशे से मजदूर दूसरे पति नैन सिंह ने उसके नौ वर्षीय बड़े बेटे की पिटाई कर दी। विरोध करने पर उसे भी पीटा और 40 हजार रुपये में खरीदने की बात कही। असलियत जानने के बाद वह मौका देखकर बच्चों के साथ रात में ही घर से निकल आई और सड़क पर रात बिताकर गुरुवार सुबह कोतवाली पहुंची है।
चंदौसी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि महिला की तहरीर पर उसके रिश्ते के चाचा संजय यादव, विवाहिता को खरीद कर शादी करने वाले नैन सिंह और शादी में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले वेदपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। महिला के परिजनों को सूचना दी गई है। उनके आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल महिला को उसके रिश्ते के चाचा की बहन के घर पर ही रखा है।
महिला का पति मध्यप्रदेश में करता है काम
पुलिस के मुताबिक पूजा ने बताया कि बलिया जिले का रहने वाला उसका पति मध्यप्रदेश में कहीं काम करता है। वह घर नहीं आता है और न ही उसे खर्च के लिए पैसे देता है। इस कारण बच्चों को पालना मुश्किल हो रहा था। इसी लिए वह काम मिलने की उम्मीद में रिश्ते के चाचा के साथ चली आई और फिर दूसरी शादी के लिए रजामंद हो गई थी।