सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि संभल से लेकर संसद तक मैं महसूस करूंगा कि जनता और देश के हित के लिए आवाज उठानी है तो उठाएंगे। हमें महसूस हुआ तो पूरी ताकत के साथ मार्च भी किया। हम चाहते हैं कि देश का लोकतंत्र और अधिकार अपनी जगह कायम रहें।
सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई सिर्फ घरों, दुकानों पर नहीं, हमारे अधिकारों पर चल रही है। हमारे अधिकारों को बुलडोजर तले रौंदा जा रहा है। व्यवस्थापिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका देश की तीन जगह ताकत को बांटा गया है लेकिन एक ही ताकत तीनों का काम कर रही है।
किसी को अधिकार नहीं है चाहे पुलिस-प्रशासन हो या सरकार सजा दे। सजा देने का काम देश की न्यायपालिका का है जिस पर हमें आंख बंद करके भरोसा है। हम इस देश की तमाम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, चाहे छोटी न्यायपालिका हो या सर्वोच्च न्यायपालिका हो लेकिन अगर किसी ने गलत किया है तो आप कार्रवाई सिर्फ इतनी कर सकते हैं लिखित पढ़त की, सजा देने का काम आपका नहीं है।
बार-बार न्यायपालिका इस बात को कहती रही सर्वोच्च न्यायालय कि बुलडोजर कार्रवाई बंद होनी चाहिए लेकिन अफसोस इस बात का है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को भी बार-बार नजर अंदाज कर दिया जाता है। मकान निर्माण मामले में जुर्माना के सवाल पर सांसद ने कहा कि मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है, मैं गया हूं।
मुझे और हमारे नागरिकों को इंसाफ मिला भी है। अब जो लगाया है फिलहाल मैं तो उसके खिलाफ हूं फिर भी जुर्माना जमा किया है। अधिवक्ताओं से कानूनी राय ले रहे हैं। जैसे आगे की बात होगी उस हिसाब से कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर वोट का अधिकार ही नहीं होता इस देश के अंदर तो फिर राजशाही और लोकतंत्र में फर्क क्या रह जाता।
हम चाहते हैं की जनता की चुनी हुई सरकार कायम रहे और यह तभी कायम रहेगा जब सब लोगों को अपने मतों को डालने का अधिकार होगा। अगर 65 लाख वोट बिहार के अंदर काट दिए जाएंगे तो फिर चुनाव ही कहां रह जाएगा।
हम चाहते हैं कि बिहार के साथ-साथ पूरे देश के अंदर लोकतंत्र स्थापित रहे, संविधान स्थापित रहे और उसके साथ-साथ जो अधिकार है जनता का उसके द्वारा ही सरकार चुनी जानी चाहिए, वह अधिकार नहीं छिनना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी का बाइलॉग बना है। कोई भी पार्टी के खिलाफ कोई सदस्य, विधायक, सांसद, कार्यकर्ता उसके खिलाफ जाएगा तो हर पार्टी उसके खिलाफ कार्रवाई करती है।