किसी मंदिर को खंडित कर नहीं, टीले पर बनी है मस्जिद : जफर
जामा मस्जिद टीले पर बनी है और किसी मंदिर को खंडित नहीं किया गया है। जो दावा किया गया है वह पूरी तरह बेबुनियाद है। यह कहना है संभल जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट का। बुधवार को सदर ने कहा कि हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि मंदिर खंडित कर मस्जिद बनाई है वह पूरी तरह बेबुनियाद है।
सदर ने कहा कि जामा मस्जिद टीले पर बनी है और समतल भूमि पर बनाए जाने के प्रमाण हैं। जो दावा किया जा रहा है वह गलत है। यह बात सही है कि मुगलकाल में मस्जिद का निर्माण किया गया। मस्जिद पुरातत्व विभाग की निगरानी में 104 वर्ष से है। कहीं कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर आए तो उन्हें पूरी मस्जिद का सर्वे करा दिया है। हम पूरी तरह संतुष्ट हैं कि हम अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे और बेबुनियाद दावे की हकीकत सामने लाएंगे। हमने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। 29 नवंबर को पहली सुनवाई की जाएगी।
बाहर के अधिवक्ता भी करेंगे मस्जिद मामले में पैरवी
जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट ने बताया कि पहली सुनवाई के दौरान स्थानीय अधिवक्ताओं के साथ दीवानी मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता शामिल रहेंगे। इसकी तैयारी हम कर चुके हैं। दावा किए जाने की हमें मंगलवार को कोई जानकारी नहीं थी। सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर जब मस्जिद पर पहुंचे तो पूरे मामले की जानकारी हुई। उससे पहले कोई जानकारी नहीं थी।