पथराव-फायरिंग में पुलिस ही नहीं, सैकड़ों उपद्रवी भी घायल हुए हैं। हालांकि, गिरफ्तारी के डर से सभी चोरी-छिपे इलाज कर रहे हैं। घायल लोग कहां और कैसे इलाज करा रहे हैं, पुलिस इसकी तलाश कर रही है। एएसपी श्रीशचंद्र ने बताया कि दो घायल ही मेडिकल कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे। जो लोग चोरी-छिपे इलाज करा रहे हैं। उनका पता लगाया जा रहा है।
संभल से मुरादाबाद तक का सूचना तंत्र फेल
पिछले पांच दिनों से संभल में जामा मस्जिद सर्वे को लेकर विवाद चल रहा था। नेता बयानबाजी भी कर रहे थे। पुलिस लोगों को मुचलकों में पाबंद भी कर रही थी, लेकिन बवाल को भांपने में अधिकारी नहीं बल्कि जिले से लेकर मंडल मुख्यालय तक का सूचना तंत्र भी फेल हो गया। रविवार जैसे बवाल का कोई इनपुट नहीं मिला था।
सिविल जज के आदेश पर हो रहा है सर्वे
संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताते हुए हिंदू पक्ष ने 19 नवंबर को कोर्ट का रुख किया। चंदौसी स्थित सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य कुमार सिंह की अदालत में वाद दाखिल किया था। कोर्ट ने कमीशन गठित कर सर्वे रिपोर्ट मांगी। कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव के नेतृत्व में टीम ने 19 नवंबर की शाम को ही सर्वे की शुरुआत कर दी थी। रविवार को टीम सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए दोबारा संभल पहुंची थी।