पांच हजार रुपये के उधार को लेकर हुए विवाद में पंचायत ने अमानवीय तरीके से समझौता कराया है। भाई को दो चप्पल मारी गईं और बहन को दो थप्पड़ मारे गए हैं। उधार भी ब्याज समेत देना पड़ा। मामला पुलिस तक पहुंचा था लेकिन पुलिस अब मामला जानकारी में नहीं होने की बात कह रही है। इस मामले की जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक से की तो उन्होंने कहा कि वह जांच कराएंगे। कार्रवाई होगी।
कैलादेवी थाना क्षेत्र के गांव सिहावली निवासी एक व्यक्ति ने डेढ़ महीने पहले गांव निवासी महिला से पांच हजार रुपये उधार लिए थे। महिला मंगलवार को उधार के रुपये वापस लेने गई तो कहासुनी हो गई। महिला ने मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। इसमें महिला के खिलाफ भी तहरीर दी गई।
पुलिस ने बुधवार की दोपहर उधार के रुपये नहीं देने वाले व्यक्ति को पकड़ लिया और थाने बैठा लिया। हालांकि शाम को छोड़ दिया गया। बृहस्पतिवार को महिला और व्यक्ति को थाने बुलाया। महिला समझौते के लिए तैयार नहीं हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों को भेज दिया था। इस मामले में पूर्व ग्राम प्रधान ने गांव में ही एक व्यक्ति के घर पंचायत कराई जिसमें तय हुआ कि रुपये ब्याज समेत दिए जाएंगे। साथ ही महिला व्यक्ति को दो चप्पल और उसकी बहन को दो थप्पड़ महिला मारेगी।
पंचायत ने इस फैसले पर मोहर लगा दी। इसके बाद उधार लिए पांच हजार रुपये ब्याज सहित साढ़े पांच हजार करके लौटाए। महिला ने पहले व्यक्ति को दो चप्पल मारीं और उसके बाद उसकी बहन को दो थप्पड़ मारे गए। यह आमानवीय फैसला पंचायत ने किया। थाना प्रभारी से इस बारे में जानकारी की तो वह जानकारी नहीं होने का हवाला देने लगे जबकि वह इस पूरे मामले को पहले से ही जानते हैं।
30 हजार रुपये देने के बाद थाने से छोड़ने की चर्चा
कहा जा रहा है कि जो व्यक्ति पांच हजार रुपये समय से वापस नहीं दे सका उसको बाद में काफी रुपये उधार लेने पड़े। गांव में चर्चा है कि तीस हजार रुपये देकर थाने से आया है। इसके बाद ब्याज समेत उधार के रुपये दिए हैं। चप्पल और थप्पड़ से इज्जत अलग गई है। थाना प्रभारी संजीव कुमार का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है।
उधार के रुपये नहीं चुकाने पर चप्पल और थप्पड़ मारने की जानकारी नहीं है। ऐसा करना गलत है। इस मामले की जांच कराई जाएगी और कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. श्रीशचंद्र, अपर पुलिस अधीक्षक, संभल