लंबे समय से जांच कर रहा था प्रशासन
निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने 34 स्कूलों का निरीक्षण कर कई गड़बड़ी पकड़ी थी। निरीक्षण करने वाली टीमें अपनी अपनी रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को साैंपी। इन रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई। जांच में एनसीईआरटी किताबों की जगह निजी प्रकाशकों की किताबें पढ़ाई जाती मिली थीं। इसके अलावा फीस वसूली को लेकर भी छानबीन शुरू की गई।
16 अप्रैल को जिलेभर के निजी स्कूलों में निरीक्षण किया गया था। यह निरीक्षण डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया के आदेश पर किए गए थे। इसके लिए 34 टीमें निरीक्षण के लिए अलग-अलग पहुंची थीं। इन टीमों को कई गड़बड़ी मिली थीं। डीआईओएस श्यामा कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार की गई। वह रिपोर्ट डीएम को भेजी गई।