संभल में कपड़े की दुकान पर भगवा कलर का कपड़ा खरीदते लोग।
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अब निजाम संग दिखने का नया चलन सामने आता नजर आ रहा है। कभी सफेद और हरे रंग का जहां बोलबाला था, अब निजाम बदलते ही भगवा रंग के दिन फिर गए हैं।
सूबे के निजाम बदलने के साथ ही भगवा रंग का क्रेज आ गया है। कभी कभार बिकने वाले गेरुआ रंग(भगवा रंग के कपड़ों) का जबर्दस्त क्रेज है।
नेताजी लोगों ने तो जैसे पहनावा ही बदल दिया है, सत्ता के मिजाज से कदमताल और हनक का लाभ लाभ लेने के लिए घर से बाहर भगवा रंग में ही निकल रहे हैं। नतीजतन भगवा कुर्ता और सफेद पायजामा की खूब खरीदारी हो रही है। हाल यह है कि, बाजार में इनकी शॉर्टेज हो जा रही है। आसानी से इनका मिलना मुश्किल हो गया है।
जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है। तब से भगवा कलर के कपड़ों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। पहले इक्का दुक्का लोग ही भगवा कलर के कपड़े खरीदने के लिए आते थे लेकिन अब दिन में 15-20 जोड़ी कपड़े भगवा कलर के बिक रहे हैं। उसके अलावा गमछा भी लोग भगवा कलर का पसंद कर रहे हैं। सचिन कुमार, व्यापारी।
दो तीन माह पहले हम भगवा कलर के कपड़े नहीं मंगवाते थे लेकिन जैसे ही प्रदेेश में भाजपा की सरकार बनी तो लोग दुकानपर आकर भगवा कलर के कुर्ता के कपड़ा मांगते थे। लोगों की मांग को देखते हुए हमने भी भगवा कलर के कपड़ा मगवा लिया। अब 20-25 जोड़ी कपड़े भगवा कलर के बिक रहे हैं। छोटू भाई, कपड़ा व्यापारी।