तेजी का कारण कोल्ड स्टोरेज में भंडारण होना माना जा रहा है। अभी तक आलू का 350 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था, जिससे किसान को खासा नुकसान था।
नवंबर माह के अंतिम सप्ताह में नया आलू मंडी में आना शुरूहो जाता है। किसान भी अच्छे भाव मिलने के संभावना में अधिक से अधिक आलू मंडी में लाना शुरू कर देता है। शुरुआत से किसान को आलू का दाम उचित न मिलने से निराश था। यहां तक कि उसे लागत में नहीं मिल पा रही थी, लेकिन पिछले चार दिनों से आलू के भाव खासा उछाल आया है।
अब आलू 450 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। 100 रुपये की तेजी आने से किसान ने भी राहत की सांस ली है। आलू में तेजी के पीछे सहालगों के कारण आलू की मांग होना तथा मुख्य कारण अब कोल्ड स्टोरेज में आलू का भंडारण होना माना जा रहा है। कोल्ड स्टोरेज स्वामी आलू का भंडारण करने में लग गए है। वहीं बड़े किसान भी मंडी न आकर कोल्ड स्टोरेज का रुख कर रहे हैं। इसलिए मंडी में अचानक आलू के भाव में तेजी आई है।