हंगामे के दौरान भाजपा जिलाध्यक्षसे वार्ता करते सीओ ।
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बबैना में नई परंपरा डाले जाने से सवाल पर हयातनगर थाने में रविवार को रात्रि साढ़े नौ बजे उस वक्त हंगामे का माहौल बन गया जब भाजपा जिलाध्यक्ष और ग्रामीणों के संग तमाम कार्यकर्ता थाने पहुंच गए। थाने में कुछ ग्रामीणों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस हाय-हाय के नारे लगा दिए। थाने में हंगामे की जानकारी मिलते ही सीओ पहुंचे। समस्या को सुना और समाधान कराया। कुछ ही देर में हंगामा शांत हो गया।
हयातनगर थाना क्षेत्र के बबैना में उर्स मुबारक के आयोजन के दौरान मेला लगाए जाने को नई परंपरा बताकर हंगामा किया गया है। गांव में पिछले करीब 15 दिन से विवाद और टकराव की नौबत चली आ रही है। गांव में उर्स तो परंपरागत है लेकिन इस बार कुछ नया मोड़ है। एक पक्ष का कहना है कि उर्स के दौरान झूला और दुकानें आदि लगाकर नई परंपरा डाली जा रही है। इस पर आपत्ति किए जाने से जब माहौल में तनाव पैदा हुआ तो 17 अप्रैल को उप जिलाधिकारी तथा सीओ ने गांव का दौरा किया था। नई परंपरा न डालने के लिए दोनों पक्षों को नसीहत दी गई थी।
इसी क्रम में रविवार को एक बार फिर एक पक्ष के ग्रामीणों ने कहा कि मेला लगाया जा रहा है। दुकानें सज रहीं हैं। इस पर हयातनगर थाने की पुलिस मौके पर गई। पुलिस ने शाम पांच बजे के करीब दुकानें हटवाईं लेकिन कुछ ही देर में दुकानें लग गईं। ग्रामीणों ने इस बात की शिकायत भाजपा के जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल से की। राजेश सिंघल ने जब हयातनगर के प्रभारी निरीक्षक को फोन किया तो प्रभारी निरीक्षक ने कहा-कोई मेला नहीं लग रहा है।
आप खुद देख लीजिए। यह बात भाजपा जिलाध्यक्ष को अखर गई। तल्खी भरी बातें हुईं और इसके बाद कुछ ही देर में जिलाध्यक्ष थाने पहुंच गए। जिलाध्यक्ष के पहुंचने से पहले बबैना के लोग भी थाने पहुंच गए। थाने में हंगामे का माहौल बन गया। प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ नारेबाजी हुई। पुलिस प्रशासन हाय-हाय के नारे भी लग गए। ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोप लगाए। सीओ ने मौके पर पहुंच कर प्रकरण सुना। त्योहार रजिस्टर देखा।