संभल। कोरोना संक्रमण की तेजी और पंचायत चुनाव के चलते प्रवासी मजदूर घरों को लौट रहे हैं। इन मजदूरों की न सैंपलिंग हो रही है और न थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। यदि यह मजदूर संक्रमण लेकर लौटे तो हालात बेकाबू हो जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा। हालांकि कागजों में कोरोना की जांच लगातार चल रही है। जबकि हकीकत में प्रवासियों की जांच कहीं नहीं हो रही है। रविवार को दिल्ली से आने वाली बसों में ज्यादातर यात्री बिना मास्क के ही बैठे नजर आए। और सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं हुआ। जब यात्रियों से पूछा गया कि दिल्ली से संभल तक कितनी जगह जांच के लिए रोका गया तो सभी ने एक सुर में कहा कि कहीं कोई जांच नहीं हो रही है। सीधे रोडवेज में बैठे और संभल आकर उतर गए। स्वास्थ्य विभाग लगातार कह रहा है कि बाहर से आने वाले प्रवासियों की जांच कराई जा रही है और यह जांच कहीं भी होती दिखाई नहीं दे रही है।
संभल रोडवेज अड्डे पर भी नहीं हो रही जांच
संभल। संभल रोडवेज अड्डे से मुरादाबाद के लिए 30 से ज्यादा बसें चलती हैं। काफी संख्या में यात्री मुरादाबाद के लिए जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से रोडवेज बस अड्डे पर भी कोई जांच की व्यवस्था नहीं की हुई है। इस रोडवेज बस अड्डे पर कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा। यात्री मास्क के बिना ही सफर कर रहे हैं। इस दौरान सामाजिक दूरी का भी पालन नहीं किया जा रहा है।