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Sambhal News: अस्पतालों में बढ़े बुखार के मरीज... जांच में निकल रहा मलेरिया

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जुनावई। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में मलेरिया व अन्य संचारी रोगों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से सीएचसी में रोजाना भीड़ उमड़ रही है। जांच में कई रोगियों में मलेरिया की पुष्टि हो रही है। हालात यह है कि शनिवार और सोमवार को ओपीडी में मरीजों की संख्या 400 के पार पहुंच जाती है, जबकि अन्य दिनों में भी 300 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
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सीएचसी में होने वाली जांच के दौरान प्रतिदिन 10 से अधिक नए मलेरिया पीड़ितों की पुष्टि हो रही है। स्वास्थ्य विभाग यह आंकड़े नियमित रूप से विभागीय पोर्टल के माध्यम से उच्च अधिकारियों को भेज रहा है, लेकिन इसके बावजूद गांवों में मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण के और अधिक फैलने की आशंका बढ़ गई है।
सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश यादव ने बताया कि मलेरिया और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए गांवों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव और नियमित साफ-सफाई बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों के माध्यम से प्रत्येक गांव में फॉगिंग और दवा छिड़काव कराया जाना चाहिए, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।
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ग्रामीणों का कहना है कि जगह-जगह जलभराव, गंदगी और मच्छरों की बढ़ती संख्या के कारण लोग तेजी से बुखार की चपेट में आ रहे हैं। यदि प्रशासन और संबंधित विभाग ने समय रहते व्यापक स्तर पर दवा छिड़काव, फॉगिंग और स्वच्छता अभियान शुरू नहीं कराया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मलेरिया की रोकथाम के लिए दवा के साथ-साथ मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करना आवश्यक है। जलभराव हटाने, नियमित फॉगिंग कराने और लोगों को बचाव के प्रति जागरूक करने से ही संक्रमण को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
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