संभल। शहर में खुले नाले हादसों को दावत दे रहे हैं। अधिकांश बड़े नालों के आसपास बने मकानों में रह रहे लोगाें को खतरा रहता है। 10-10 फीट गहरे नालों में गिरने के बाद जीवित निकलना असंभव है। जिम्मेदार पालिका इसे लेकर उदासीन बनी है।
शहर के बड़े नालों में शुमार चंदौसी चौराहे से मुरादाबाद रोड पर वाजिदपुरम तक, चौधरी सराय, मोहल्ला नाला, हसनपुर रोड, बहजोई रोड जाने वाले नाले न तो स्लैब है और न ही सुरक्षा दीवार। इन नालों में बारिश ही नहीं सामान्य दिनों में खासा पानी का बहाव रहता है।
नालों के किनारे बने मकानों में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं, लेकिन जिम्मेदार सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। ऐसे में विभिन्न मोहल्लों में खुले पड़े नाले लोगों की परेशानी का कारण बन गए हैं। इससे बच्चों व बुजुर्गों को खतरा बना रहता है। शाम के समय व अंधेरे में इन नालों का पता न चलने से कई बार लोग गिरकर चोटिल होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इस संबंध में शिकायतें भी हुई हैं।
पालिका ने शहर के नालों को ढकने के प्रस्ताव भी बनाए, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागजों में ही सिमट गई। बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जब नाले पानी से भर जाते हैं और उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।