बहजोई के बाशिंदों को अब बहजोई रेलवे स्टेशन से हरिद्वार व बरेली समेत अलीगढ़, आगरा व बांदीकुई जाने के लिए आगरा कैंट पैसेंजर के फिर से चलने की दरकार है। कोरोना को लेकर करीब ढाई वर्ष पहले बहजोई रेलवे स्टेशन से होकर जाने वाली रेलवे की ओर से यह ट्रेन बंद कर दी गई थी।
करीब ढाई वर्ष पहले हरिद्वार व बरेली से होकर चंदौसी व बहजोई होते हुए अलीगढ़, आगरा व बांदीकुई जाने के लिए आगरा कैंट पैसेंजर ट्रेन चलती थी। यह ट्रेन बांदीकुई समेत आगरा व अलीगढ़ से चलकर बहजोई होते हुए देर रात साढ़े तीन बजे करीब चलकर चंदौसी होते हुए मुरादाबाद व हरिद्वार समेत बरेली की ओर जाती थी और बरेली व हरिद्वार की ओर से चलकर बहजोई होते हुए रात सवा बारह बजे करीब अलीगढ़ व आगरा समेत बांदीकुई के लिए जाती थी। कोरोना के समय से यह ट्रेन बंद होने के बाद अभी तक नहीं चलाई गई है। इससे व्यापारियों समेत श्रद्धालुओं व छात्र-छात्राओं को सफर में मुश्किल आ रही है। पैसेेंजर ट्रेन न चलने से लोग रोडवेज बसों में महंगा सफर करने को मजबूर हैं। यह बात दीगर है कि फिलहाल में इस ट्रेन का संचालन हरिद्वार से चंदौसी के बीच किया जा रहा है।
व्यापारियों में प्रदीप कुमार बिल्ला का कहना है कि ट्रेन करीब ढाई वर्ष से बंद है। व्यापार के सिलसिले में अधिकतर अलीगढ़ व आगरा जाना पड़ता है। यह ट्रेन सीधे बहजोई से आगरा तक मिल जाती थी और बिना किसी मुश्किल के सफर आसान रहता था। अब रोडवेज से महंगा सफर करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर छात्र दीपक शर्मा का कहना था कि अलीगढ़ समेत मुरादाबाद व बरेली जाने के लिए आगरा कैंट पैसेंजर का सफर आसान था। बहजोई होकर इस ट्रेन का संचालन फिर से हो जाए, तो आसानी रहेगी। अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय का कहना था कि कोरोना के समय में बंद की गईं बहजोई रेलमार्ग से होकर चलने वाली अधिकतर ट्रेनों का संचालन फिर शुरू हो गया, लेकिन आगरा-कैंट पैसेंजर ट्रेन के संचालन को लेकर रेलवे गंभीरता नहीं दिखा रहा। इससे लोगों को सफर के लिए मुश्किल रहती है।