संभल। लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के संग पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी संभल-बहजोई मार्ग पर अवैध कब्जे हटाने पहुंचे तो हड़कंप मच गया। दोपहर 12 बजे से अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया गया। इस अभियान के अंतर्गत चौधरी सराय पुलिस चौकी के नजदीक से लेकर तिवारी सराय तक कब्जे हटाए गए। इस दौरान तीन जेसीबी अवैध कब्जोें को तोड़ती नजर आई। दो दर्जन से ज्यादा कब्जे प्रशासन ने गिरवा दिए। इस दौरान काफी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। किसी ने विरोध भी नहीं जताया।
दरअसल लोकनिर्माण विभाग की ओर से कुल 54 कब्जेदारों को 30 जनवरी 2021 को नोटिस दिए गए थे। नोटिस में सात दिन का समय दिया गया था लेकिन किसी ने कब्जा नहीं हटाया। इसलिए प्रशासन जेसीबी लेकर पहुंचा और कब्जे गिरा दिए। एमजीएम कालेज के सामने बनी अवैध दुकानों को सबसे पहले गिराया गया। इसके बाद एमजीएम के पास में जेसीबी चली। जितना हिस्सा अतिक्रमण में आया उसको जेसीबी से गिरा दिया गया।
मिष्ठान भंडार के स्वामी ने नोटिस नहीं देने की बात कही और काफी नुकसान होने का भी हवाला दिया लेकिन प्रशासनिक अमले ने आरोप को नकारा और अतिक्रमण गिरवा दिया। इसके बाद तीन जेसीबी तिवारी सराय तक अवैध कब्जे गिराते हुई पहुंची। दरअसल यह अतिक्रमण संभल-बहजोई मार्ग पर चौड़ीकरण कराने के लिए हटाया गया है। शुक्रवार को दिनभर एनाउंसमेंट करा कर लोगों को चेतावनी दी गई थी लेकिन इसके बाद भी अतिक्रमणकारियों ने अवैध कब्जे खुद खाली नहीं किए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह संभल कोतवाली, नखासा, हयातनगर और असमोली थाने की फोर्स के साथ मुस्तैद नजर आए।
दशकों से अवैध कब्जे होते रहे और जिम्मेदार सोते रहे
संभल। संभल के चौधरी सराय से लेकर हयातनगर तक जगह-जगह अवैध कब्जे हो रहे हैं। यह कब्जे कुछ वर्ष के नहीं बल्कि दशकों पुराने हैं। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान कुछ ऐसे लोग भी मिले जिन्होंने बताया कि वह दशकों से इन मकानों व दुकानों को बना हुआ देख रहे हैं। इससे जाहिर है कि जिम्मेदार सोते रहे और मुख्य मार्ग किनारे अवैध कब्जे होते रहे।
हाईवे के अलावा कई अन्य मुख्य मार्गों पर भी लगातार हो रहे हैं अवैध कब्जे
संभल। संभल में हाईवे किनारे ही नहीं अन्य मुख्य मार्गों पर अब भी लगातार अवैध कब्जे हो रहे हैं और पिछले कई वर्षों के दौरान यह कब्जे हो चुके हैं। इन कब्जों की ओर भी जिम्मेदारों की नजर नहीं है।
कई दुकानें पूरी तरह खत्म हुईं, बदहवास नजर आए कब्जाधारक
संभल। चौधरी सराय से तिवारी सराय तक कब्जों को हटाने के दौरान कई दुकानें पूरी तरह खत्म हो गईं तो कई दुकानों के आधे हिस्से ही गिराए गए हैं। दरअसल लोगों को उम्मीद नहीं थी कि जेसीबी चलाई जा सकती है इसलिए ज्यादातर ने अपने सामान तक नहीं हटाए थे। जब जेसीबी से कब्जे हटाए गए तो लोग रोते नजर आए।
सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार का आधा मकान ही गिरा पासा प्रशासन
संभल। चौधरी सराय में एक सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार का मकान भी अतिक्रमण की जद में आया। इस दौरान प्रशासन की जेसीबी मकान गिराने में नाकाम रहीं। प्रशासनिक अधिकारियों ने सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार से खुद ही मकान गिरवाने की बात कही। इसके बाद सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार ने अपने स्तर से मकान को गिरवाने की प्रक्रिया शुरू कराई। दरअसल नायब तहसीलदार ने दशकों पहले मकान बनाया था लेकिन वह भूल गए कि उनका मकान अतिक्रमण की जद में है। आसपास के लोगों ने बताया कि सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार के बेटे की शादी 11 मार्च को होनी तय है। ऐसे में शादी की तैयारियों को मकान गिरने से झटका लगा है। वहीं दूसरी ओर प्रशासन की जेसीबी दो मंजिला इमारत को तोड़ नहीं पाई। जेसीबी की हद एक ही मंजिल इमारत तोड़ने तक सीमित नजर आई।
अतिक्रमण हटाने के दौरान बने रहे जाम के हालात, रूट डायवर्जन नहीं किया
संभल। चौधरी सराय से बहजोई जाने वाले वाहन चालकों को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। अतिक्रमण हटाने के दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासनिक अधिकारियों ने समय-समय पर जेसीबी रुकवा कर वाहनों को निकलवाया तब हालात सामान्य से नजर आए। दिल्ली जाने वाले वाहनों को भी मुश्किल का सामना करना पड़ा। दरअसल रूट डायवर्जन किया नहीं गया।