फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sambhal News: तत्कालीन ईओ से पूछताछ के लिए कोर्ट में रिमांड अर्जी दाखिल, आज होगी सुनवाई

विज्ञापन
विज्ञापन
रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी पुलिस, कई अन्य आरोपियों की पहचान उजागर हो सकती है
विज्ञापन

संभल। पालिका के तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता 101 करोड़ की जमीन कब्जा प्रकरण में जेल भेजे जा चुके हैं लेकिन संभल कोतवाली पुलिस ने रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। जिस पर शनिवार को सुनवाई होनी है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि रिमांड अर्जी कोर्ट में दाखिल कर दी है। रिमांड स्वीकृत हो जाती है तो तत्कालीन ईओ से गहनता से पूछताछ की जाएगी। जिससे सरकारी जमीन पर कब्जा करने के प्रकरण में अन्य आरोपी भी प्रकाश में आ सकें।
मुरादाबाद मार्ग पर गैरआबाद गांव तख्तगोसाई में ग्राम समाज की 101 करोड़ रुपये की 38 बीघा जमीन पर कब्जा करने के प्रकरण में संभल पालिका के तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता को भूमिका प्रमुख रही है। उनके द्वारा ही हाईकोर्ट में दाखिल याचिका 2013 में वापस ली गई थी और इसके बाद ही सरकारी जमीन का बंदरबांट किया गया था। एक शिकायत के आधार पर मामला फिर खुला और डीएम और एसपी के स्तर से बड़ी कार्रवाई करते हुए बेशकीमती जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है। शाहजहांपुर नगर निगम में सहायक नगर आयुक्त के पद पर तैनात राजकुमार गुप्ता को बृहस्पतिवार को जेल भेजा गया है। पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। उसके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
विज्ञापन

00000000
सरायतरीन में भी सरकारी जमीन में खेल करने का आरोप, डीएम से शिकायत
राजकुमार गुप्ता ने अपने कार्यकाल के दौरान सरकारी जमीनों पर माफियाओं के साथ मिलकर कब्जे कराए हैं। ऐसे आरोप लग रहे हैं। सरायतरीन इलाके में भी सरकारी जमीन आवंटन का मामला सामने आया है। जिसकी शिकायत डीएम से की गई है। हालांकि डीएम का कहना है कि शिकायत कुछ लोग करने आए थे। उनकी शिकायत को दर्ज करा लिया है। जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन

0000000000
जमीनों के बंदरबांट में राजस्व के एक लेखपाल का रहा है सपा शासन में खेल
2012 से 2018 तक शहर के आसपास के गांवों में तैनात रहने वाले एक राजस्व लेखपाल की भूमिका भी 101 करोड़ की 38 बीघा जमीन में होने की चर्चा है। हालांकि पुलिस इसकी जांच कर रही है। यह लेखपाल सपा शासन में माफियाओं के साथ मिलकर जमीनों का बंदरबांट कराता था। इसकी शिकायतें भी आला अधिकारियों तक पहुंची लेकिन निलंबन और फिर बहाल की कार्रवाई से आगे कार्रवाई नहीं बढ़ी। अब जमीनों के मामले खुल रहे हैं तो यह लेखपाल भी चर्चा में आ गया है। सूत्रों का कहना है कि करोड़ाें रुपये की संपत्ति लेखपाल के पास है। शहर की सरकारी जमीनों का खुर्दबुर्द करने में अहम भूमिका रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें