संभल। आतिशबाज साबिर का आतिशबाजी का अवैध धंधा अपने ही परिवार का दुश्मन बन गया। पत्नी गुड्डो और बेटी अनम के साथ दो अन्य बेगुनाह लोगों की जान चली गई। 11 लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
बुधवार को साबिर की बेटी और पत्नी के शव का पोस्टमार्टम हुआ तो बुलंदशहर के कस्बा पहासू निवासी साबिर के ससुरालिया और अन्य रिश्तेदार पहुंच गए। पुलिस से शवों को सुपुर्द किया और वह गुन्नौर शव लेकर नहीं गए। बल्कि बुलंदशहर के लिए लेकर रवाना हो गए। वहीं सुपुर्द ए खाक किया गया है। साबिर के पड़ोसियों ने बताया कि साबिर जेल चला गया।
बेटा और बेटी कहां है। इसकी जानकारी नहीं। साबिर का भाई सलीम बीमार है और अलीगढ़ में उपचार करा रहा है। इसलिए साबिर के ससुरालिया और रिश्तेदार शवों को बुलंदशहर के कस्बा पहासू ले गए। लोगों के बीच चर्चा रही कि अवैध भंडारण करने के लालच ने पूरा परिवार संकट में डाल दिया।