बहजोई। मिशन शक्ति के तहत कलक्ट्रेट पर छात्राओं को एक दिन का सांकेतिक डीएम, एसपी, सीडीओ व एडीएम बनाया गया। इस बीच डीएम व एसपी बनी छात्राओं ने वीसी के जरिए अधिकारियों से मिशन शक्ति पर बातचीत की। वहीं, सीडीओ व एडीएम बनीं छात्राओं ने अपने विचार रखे। विभिन्न दफ्तरों में पहुंचकर कार्यों का जायजा लिया। वहीं, जन सुनवाई भी की।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में चंदौसी के जीके सिल्वर स्टोन की कक्षा 11 की छात्र रहनुमा खान को डीएम व छात्रा नम्रा नाज को एसपी बनाया गया। इसके अलावा ब्लॉक बनियाखेड़ा के कस्तूरबा गांधी विद्यालय की कक्षा आठ की छात्रा साक्षी चौहान सीडीओ व कक्षा 11 की छात्रा संगीता एडीएम बनीं। डीएम, सीडीओ व एडीएम बनीं छात्राओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के अधिकारियों के साथ मिशन शक्ति से जुड़ी समीक्षा बैठक की। इस बीच सांकेतिक अधिकारियों ने अपनी शिक्षा आदि से जुड़ीं जानकारियां साझा कीं।
इस बीच सीडीओ बनीं छात्रा साक्षी और एडीएम बनीं संगीता ने मिशन शक्ति, महिला सुरक्षा व कन्या सुमंगला योजना, चाइल्ड हेल्प लाइन आदि योजनाओं की जानकारी दी। इसके बाद छात्राओं ने श्री अन्न के चित्रों की प्रदर्शनी को भी देखा। छात्राओं ने ग्राम्य विकास, प्रोवेशन, वन स्टॉप सेंटर, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, समाज कल्याण, डीपीएमयू व एनआईसी समेत राजकीय कृषि रक्षा विभाग के दफ्तर में भी निरीक्षण किया। साथ ही एनआईसी में वीसी के माध्यम से जिले के इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्यों के साथ भी बैठक की।
इस बीच डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया समेत एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई, सीडीओ गोरखनाथ भट्ट आदि अधिकारी रहे।
अधिकारी बनीं छात्राओं ने मातहतों को दिए निर्देश
बाद में सभी सांकेतिक अधिकारियों ने जन सुनवाई कर लोगों की समस्याएं सुनीं। वहीं, सांकेतिक एसपी बनी छात्रा ने एक समस्या सुनीं। इसमें महिला ने ससुराल वालों की ओर से उसके बच्चे को नहीं देने की शिकायत की। इस पर सांकेतिक एसपी ने थानाध्यक्ष से बात कर जरूरी कार्रवाई को कहा। साथ ही, सांकेतिक डीएम बनीं छात्रा ने चंदौसी में सीता आश्रम पुलिस चौकी से पथरा मोड़ तक सड़क निर्माण व मरम्मत समेत बालिकाओं के लिए उच्च शिक्षा को वरीयता देने व किशोर अवस्था में बाल विवाह नहीं होने आदि को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया।
बिटिया इन ऑफिस अभियान चलाने पर दिया जोर
डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों को संबोधित करते हुए बिटिया इन ऑफिस अभियान चलाने को कहा। डीएम ने कहा कि अधिकारी अपने परिवार की बेटियों को एक दिन के लिए अधिकारी बनाते हुए अपने विभागों की कार्यप्रणाली की जानकारी दें।