संभल। माध्यमिक शिक्षक अबकी बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अंक देने में कंजूसी न करें क्योंकि अंक देने में कंजूसी की वजह से परीक्षा का परिणाम खराब हो जाता है। यह बात शंकर भूषण शरण जनता इंटर कालेज के प्रधानाचार्य नरेंद्र बर्तवाल ने माध्यमिक शिक्षकों को प्रशिक्षण देते समय कही। उन्होंने बताया कि यूपी बोर्ड के सचिव ने ऑनलाइन प्रशिक्षण में मूल्यांकन का तरीका समझाया है। किसी भी उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करते समय यह देखना है कि विद्यार्थी ने उत्तर देने में कितना सही उत्तर दिया है और कितना गलत उत्तर दिया है। अगर आधा उत्तर भी सही है तो स्टैप मार्किंग से उस विद्यार्थी को उतने अंक दिए जा सकते हैं जितने के लिए उसका उत्तर सही है। उन्होंने कहा कि प्रश्न कितने अंक का है और उत्तर का कितना प्रतिशत हिस्सा सही है। अंक देते वक्त इस बात का ध्यान रखा जाए। अंक देने में कंजूसी न की जाए। आकलन को आधार बनाया जाए। माध्यमिक शिक्षा परिषद से इस संबंध में गाइडलाइन जारी की है। इसका पालन किया जाए। उन्होंने बताया कि गुन्नौर तहसील के प्रधानाचार्यों को बाबूराम सिंह इंटर कालेज बबराला में प्रधानाचार्य जगन्नाथ ने प्रशिक्षण दिया। चंदौसी के एसएम इंटर कालेज में राजकीय इंटर कालेज लहरावना के प्रधानाचार्य सीपी सिंह ने प्रशिक्षण दिया।