आलू का भाव धड़ाम होने से नुकसान झेल रहे किसानों को गोभी में घाटा उठाना पड़ा। जैसे इतना ही काफी नहीं था, अब सिस्टम की ऐसी मार पड़ी कि किसानों की प्याज बाजार में आई तो भाव गिर गए। नतीजतन फिर किसानों को लागत निकालना मुश्किल पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि, ऐसी प्रणाली बने जिससे उनकी फसल बाजार में आने पर लागत से अधिक कीमत जरूर मिले। किसानों का कहना था कि मुश्किल से 5-6 रुपये प्रति किलोग्राम का ही भाव मिल रहा है। बंपर पैदावार होने के बाद भी किसानों के लिए मुनाफा नहीं निकल पा रहा है। इस संबंध में किसानों ने लागत मूल्य के आधार पर समर्थन मूल्य तय करने की मांग की है।
नहीं वसूल हो पाई लागत, क्या करें
किसान शिवचरन ने कहा कहा कि प्याज की फसल तो काफी अच्छी हुई है लेकिन खरीदार बहुत कम हैं। मंडी में नासिक का प्याज भरा पड़ा है। संभल के प्याज की डिमांड नहीं है। संभल मंडी में पता किया था तो किसी भाव खरीदार नहीं मिले।
इसके बाद मुरादाबाद मंडी में जानकारी ली, जिसमें पता लगा कि 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक में प्याज बिक जाएगा। अब प्याज को मुरादाबाद लेकर जाने की तैयारी है। किसान के मुताबिक ढाई बीघा में 30 क्विंटल प्याज निकली है। इसमें खुद की मेहनत को न जोड़ा जाए तो 35,000 रुपये लागत लगी है, जबकि प्याज की बिक्री से 15000-18000 रुपये तक ही निकल पाएंगे।
नुकसान ही नुकसान
प्याज की बुवाई से लेकर कटाई तक की लागत दस हजार रुपये तक आ जाती है लेकिन इस बार रेट कम होने के चलते किसानों की लागत भी नहीं लौट रही है। इस समय जिस प्याज की खुदाई चल रही है। वह बीघा में 10 से 12 क्विंटल की निकल रही है।
ऐसे में किसान को तीन हजार रुपये बीघा का नुकसान हो रहा है। किसान कुलदीप ने बताया कि पांच बीघा प्याज लगाई थी। 45 हजार रुपये की लागत आई है और इस रेट में अगर प्याज बेच दी जाए तो जाए तो मात्र 32 हजार रुपये की ही बैठ रही है। 13 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है।
आवक बढ़ने पर और घट सकते हैं प्याज के दाम
मंडी समिति के आढ़ती जमाल ने कहा कि संभल में नासिक के प्याज की भरमार है। नासिक का प्याज मंडी में 800 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि संभल का ब्याज भी मंडी में आने लगा है। एक दिन में 50 क्विंटल तक की आवक है लेकिन इसका भाव 500-600 रुपये क्विंटल है।
नासिक का प्याज फिनिशिंग वाला होता है। इसलिए वह महंगा है। संभल के प्याज में नासिक जैसी फिनिशिंग नहीं है। इसलिए दाम कम है। उनके मुताबिक जैसे जैसे लोकल के प्याज की आवक बढ़ेगी वैसे वैसे दाम और घट सकते हैं।
आवक पर निर्भर
चंदौसी मंडी के आढ़ती शरीफ ने बताया कि में एक दिन में 100 कट्टे प्याज क्षेत्र से आ रहा है, जबकि नासिक का प्याज पहले से स्टाक में हैं। खपत इन दिनों कम है। लेकिन गर्मी के साथ ही खपत बढ़ेगी। बाजार भाव तो आवक पर निर्भर करेगा। प्याज के मौजूदा दाम किसानों के हिसाब से बेहद कम हैं।