चंदौसी/जनेटा। बृहस्पतिवार को आसमान में इस्लामी महीने के पवित्र माह रमजानुल मुबारक का चांद नजर आया। आसमान में चांद के दीदार के साथ ही रमजानुल मुबारक का मुकदस्स महीना शुरू हो गया। लोगों ने चांद देख कर एक दूसरे को पवित्र रमजानुल मुबारक के आगाज की मुबारकबाद दी। हर तरफ खुशी की लहर दौड़ गई। दुआएं मांगी गईं। रमजानुल मुबारक का महीना इस्लामी मान्यता के अनुसार बेहद अजमत रहमत और बरकतों का महीना है। रमजानुल मुबारक का पूरा महीना अल्लाह की इबादत और बंदगी के लिए खास है।
बृहस्पतिवार को रमजानुल मुबारक का चांद नजर आ गया। सभी लोगों ने मगरिब की नमाज के बाद आसमान में चांद का दीदार किया और एक दूसरे को मुबारकबाद देकर दुआएं मांगी। रात को ईशा की नमाज के बाद मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की गई। तरावीह में कुरान शरीफ पढ़ा गया। महिलाओं ने घर के अंदर नमाज और इबादत अंजाम दी। बृहस्पतिवार के तड़के रमजानुल मुबारक के पहले रोजे की सेहरी खाई गई। शुक्रवार को रमजानुल मुबारक का पहला रोजा होगा।
रमजनुल मुबारक के महीने को लेकर मुस्लिम समुदाय में निहायत खुशी और जोश का माहौल है। कुरान पाक की तिलावत और जिकरो अजकार का सिलसिला शुरू हो गया है। चंदौसी नगर की सभी मस्जिदों के साथ ही देहात और ग्रामीण इलाकों की मस्जिदों में भी तरावीह अदा की गई और कुरान की तिलावत की गई। चंदौसी की जामा मस्जिद में हाफिज इत्तेखार मिशबाही, बड़ी मस्जिद में कारी जमीर ने तरावीह की नमाज अदा कराई। शहर काजी मरगूब की देखरेख में हाफिज कैश ने लक्ष्मण गंज मस्जिद में नमाज अदा कराई। जनेटा की हुसैनी मस्जिद में हाफिज मोहम्मद अली ने तरावीह पढ़ाई। बाजार वाली मस्जिद में हाफिज इकरार हुसैन, मौअज्जमी मस्जिद में हाफिज शाहरुख अली, दरबार वाली मस्जिद में हाफिज नसीम अहमद और मुहम्मदी मस्जिद में हाफिज तफसीर आलम ने तरावीह की नमाज अदा कराई।