सत्ता बदलते ही भाजपाइयों की नजर ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर पड़ गई है। रजपुरा और पवांसा ब्लाक की प्रमुख की कुर्सी को हथियाने की जुगत में दावेदार जुट गए हैं। पवांसा में तो क्षेत्र पंचायत सदस्यों के जीत संबंधी प्रमाण पत्र एक दावेदार ने एकत्र कर लिए हैं, जबकि रजपुरा में प्रमाण पत्र एकत्र करने की तैयारी चल रही है। इन दोनों सीटों पर सपा से जुड़े प्रमुख हैं। अब जल्द ही भाजपाई अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं। उन्हें क्षेत्र पंचायत की होने वाली बैठक का इंतजार है।
लगभग दो वर्ष पहले ब्लाक प्रमुख पद के लिए चुनाव हुए थे। उस समय प्रदेश में सपा की सरकार थी। सरकार का असर था, जिससे यहां पर सपा समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध ही चुनाव जीत गए थे। जबकि पवांसा में दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे लेकिन सपा समर्थित प्रत्याशी की भारी मतों से जीत हुई थी। अब सत्ता परिवर्तन हुआ तो भाजपाइयों की नजर ब्लाक प्रमुखी की कुर्सी पर गड़ गई है।
भाजपाइयों ने प्रमुख पद की कुर्सी हथियाने के लिए जोड़-तोड़ शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि पवांसा में जो भाजपाई ब्लाक प्रमुख पद के दावेदार हैं। उन्होंने अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है। उन्होंने अधिकतर क्षेत्र पंचायत सदस्यों के प्रमाण पत्र ले लिए हैं, जबकि रजपुरा में प्रमाण जुटाए जा रहे हैं।
अब दोनों ब्लाकों में क्षेत्र पंचायत सदस्य की बैठक होने का इंतजार है। जिस दिन बैठक होगी। उसी दिन पद के दावेदार भाजपाई नेताओं के सहयोग से अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास करेंगे। अगर ऐसा होता है तो फिर संभल में राजनीति गर्मा जाएगी।
हालांकि बीजेपी जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल का कहना है कि सपा की सरकार होने पर सत्ता के दबाव में कुछ लोगों ने ब्लाक प्रमुख की कुर्सी हथियाई थी। अब बीजेपी की सरकार है और क्षेत्र पंचायत सदस्य अपने निर्णय के लिए स्वतंत्र हैं। उन पर किसी तरह का कोई दबाव काम नहीं करेगा।