सोत नदी में बढ़ा पानी- मंगलवार को हुई बारिश के बाद संभल के फिरोजपुर में सोत नदी में पानी बढ़ गया।
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संभल। अवैध कब्जों से मुक्त हुई सोत नदी एक बार फिर जीवनदायिनी बन सकती है। इसके संकेत मिलने लग गए। हाल में ही हुई बारिश से नदी में पानी आ गया है। असमोली चीनी मिल के पास जहां नदी की खुदाई हुए सात दिन हो गए हैं, वहां पर आधा से एक फुट तक पानी है। पानी आने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। अब वे किसान भी खुश नजर आ रहे हैं जो पहले नदी की जमीन दबाए बैठे थे। इन किसानों का कहना है कि अगर नदी में पानी बना रहा तो आने वाले दिनों में उनके दूसरे खेतों की सिंचाईं हो सकेगी और जल स्तर भी सुधरेगा।
विरोध भी इसलिए था कि कहीं कुछ स्थानों पर खदाई के बाद अभियान ठप न हो जाए। इस बारे में उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव ने कहा कि नदी का पूरा हिस्सा अवैध कब्जों से मुक्त होगा और पूरे क्षेत्र की खुदाई भी होगी।
उन्होंने कहा कि बारिश से काम बाधित जरूर हुआ है पर बंद नहीं हुआ है। नदी की खुदाई मनरेगा मजदूरों के माध्यम से जारी है। जहां पर नदी का रकबा सूखा हुआ है वहां पर जेसीबी से खुदाई कराई गई है। संभल-चंदौसी मार्ग पर फत्तेपुर सराय में सोत नदी के रकबे में मंगलवार को भी खुदाई हुई। शाम पांच बजे तक 100 मीटर खुदाई की गई थी जबकि रहमापुर में 20-25 मीटर खुदाई हुई है।
असमोली क्षेत्र में बेला, दुगावर, सफातनगर में करीब पांच किलोमीटर हिस्सा खुद चुका है। असमोली के कई इलाकों में खुदाई का अभियान मंगलवार को बारिश की वजह से बाधित रहा।
अलबत्ता डीएसएम शुगर मिल का प्रबंधन अभी खुदाई में लगातार योगदान कर रहा है। मिल के अध्यक्ष सुभाष पांडेय ने कहा कि नदी की खुदाई के काम के लिए वह वर्षोें से सोच रहे थे लेकिन अब जाकर अनुकूल माहौल बना। इस बारे में अमर उजाला ने जब मुद्दा उठाया तो प्रशासन ने भी गंभीरता दिखाई और नतीजा है कि अब सोत नदी जीवनदायिनी के रूप में फिर सामने आ रही है।