एआरटीओ ने नकली रोडवेज बस को गुन्नौर थाने में खड़ा किया।
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जुनावई/चंदौसी। यात्रियों को धोखा देकर निजी बस संचालक अपनी बसों का रंग परिवहन निगम की बसों की तरह कराकर उन पर उत्तर प्रदेश परिवहन तक लिख देते हैं। चालकों और परिचालकों को वर्दी भी पहना देते हैं। उसी तरह की मशीनों से टिकट भी बनाते हैं। लेकिन रास्ते में आने वाले सभी थानों की पुलिस से सांठगांठ करके इन बसों को संचालित किया जाता है। एआरटीओ ने मंगलवार को एक ऐसी ही फर्जी रोडवेज बस को पकड़ा है। जिसे गुन्नौर थाने के सुपुर्द कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन की तर्ज पर ही कुछ निजी बस संचालकों ने पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारियों की सांठगांठ से समानांतर बस सेवा शुरू कर रखी है, जो लंबे समय से गुन्नौर क्षेत्र से दिल्ली तक संचालित की जा रही है। इस बस सेवा को कोई भी रोकने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है। इन बसों को रोडवेज बसों की तरह ही पेंट किया जाता है। उत्तर प्रदेश परिवहन की प्लेट भी लगा दी जाती है।
दूर से देखने पर कोई भी यह नहीं कह सकता कि यह परिवहन निगम की बस नहीं है। गुन्नौर से लेकर दिल्ली तक ऐसे समानांतर रोडवेज बस सेवा कई सालों से चल रही है। यूपी से लेकर दिल्ली तक की पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारी चुप हैं। संभल जिले का भी परिवहन महकमा खामोश ही था लेकिन नवागत सहायक परिवहन अधिकारी अंबरीश कुमार की नजर पड़ी तो तत्काल बस को रोक दिया गया।
चालक लगातार अपने बस मालिक से बात कराने का प्रयास करता रहा लेकिन एआरटीओ ने नहीं सुनी। आखिरकार, बस को गुन्नौर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है। यह बस बुलंदशहर के किसी अमीर व्यक्ति की बताई जा रही है। चालक शकील भी थाना स्याना जिला बुलंदशहर का रहने वाला है।