संभल। बारिश नजदीक है लेकिन नगर पालिका की ओर से अभी तक नालों की सफाई का कार्य पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में बारिश में लोगों को जगह-जगह जलभराव से जूझना पड़ सकता है। जिम्मेदार सफाई व्यवस्था लगातार होने का दावा कर रहे हैं, जबकि बारिश आने से पहले ही यह सफाई की जानी थी। बोर्ड बैठक में शहरभर के 44 नालों की सफाई के लिए 56 लाख रुपये का टेंडर जारी भी हुआ था।
नगर पालिका द्वारा शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था, जिसका मकसद था कि नालों की तली झाड़ सफाई की जा सके और बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या से छूटकारा मिले। अतिक्रमण अभियान आधा अधूरा ही चलाया गया। अब सफाई व्यवस्था भी आधी अधूरी पड़ी है। यह लापरवाही तब हो रही है जब नगर पालिका अध्यक्ष का प्रभार शासन की ओर से अपर जिलाधिकारी केके अवस्थी को सौंपा हुआ है। इसके बाद भी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं है। सरकारी कार्यालयों के आसपास भी नाले गंदगी से अटे पड़े हैं।
शहरभर के 44 नालों की साफ-सफाई के लिए बोर्ड की बैठक में 56 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया था। उसके बाद बड़े नालों को चिह्ति कर वहां से अतिक्रमण हटाया गया था, जिससे सफाई करने में कोई बाधा न हो। अब नालों की सफाई कराई जा रही है। बारिश शुरू होने से पहले सभी नाले साफ करा दिए जाएंगे।
रामपाल सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, संभल