क्षेत्र में अभी मानसून ने दस्तक नहीं दी है लेकिन अब तक हुई हल्की बारिश में ही कई मकान धराशाई हो चुके हैं। अनुमान लगाया जा सकता है कि जब अभी यह हाल है तो फिर मानसूनी बरसात का आलम क्या होगा? लेकिन इसके बावजूद जिला व पालिका प्रशासन बेपरवाह है।
नगर में कई जर्जर इमारतें हैं, जो आंधी- बारिश में कभी भी धराशाई हो सकती हैं। यदि ऐसा हुआ तो जनहानि की आंशका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन और अन्य जिम्मेदार इसकी अनदेखी कर रहे हैं।
जर्जर इमारतों से बारिश और आंधी के मौसम में हादसे की चिंता गहराई हुई है। बड़ा सवाल यह है कि खतरे को भांपने के बाद भी जिम्मेदारों ने कोई पहल नहीं की है। नगर में जिम्मेदारों की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हादसे की चिंता से नगरवासियों में भय व्याप्त है। स्टेशन रोड स्थित एक जर्जर भवन भी खतरे को बढ़ा रहा है।आंधी- बारिश में यदि भवन ध्वस्त हुआ तो व्यस्तम मार्ग पर बड़ा हादसा हो सकता है।
निजी भवनों की बात छोड़िए खुद नगर पालिका परिषद के भवन में चल रहे वाणिज्य कर विभाग का कार्यालय भी जर्जर है। आंधी-बारिश में अधिकारी- कर्मचारी हादसे के अंदेशे के बीच कार्य करने के लिए मजबूर हैं। यदि गंभीरता नहीं बरती गई तो जर्जर इमारतें हादसे का सबब बन सकती हैं। नगर पालिका परिषद के पास नगर में किसी भी जर्जर इमारत का रिकार्ड नहीं है।
जर्जर इमारतों के रिकार्ड के संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। विनियमित क्षेत्र तो अभी नया है। नगर पालिका पुरानी है। नगर पालिका पर होना चाहिए। फिर भी मैं जर्जर इमारतों के बारे में यदि कोई रिकार्ड होगा तो देखकर बताता हूं।
-शकील अहमद, अवर अभियंता विनियमित क्षेत्र, चंदौसी।
जर्जर भवन की शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। नगरवासियों की सुरक्षा के लिए पालिका प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। यदि कहीं जर्जर भवन है तो जांच कराई जाएगी। नगरवासियों की सुरक्षा के लिए त्वरित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-संजय कुमार, उप जिलाधिकारी चंदौसी।