संदिग्ध ठग नहीं करते कोई काम, कुछ दिन पहले खरीदी पांच बीघा जमीन
अब्दुल्लापुर के कुछ लोगों का कहना है कि टीम जिनकी तलाश में आई थी। वह कोई काम नहीं करते हैं। रात रात भर जागकर लैपटॉप और मोबाइल पर लगे रहते हैं। एक युवक ने कुछ समय पहले ही पांच बीघा जमीन भी खरीदी है। गांव अब्दुल्लापुर में सीबीआई के छापे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुरादाबाद से ही पुलिस बल आया था। कुंदरकी थाने की पुलिस को दूर रखा गया था। बैंक अधिकारी और कर्मचारी भी साथ में ही थे।
दो साल पहले दिल्ली पुलिस ने किया था गिरफ्तार
सीबीआई ने जिस आरोपी की तलाश में आई थी, वह हाथ नहीं आया। 2023 में दिल्ली पुलिस की साइबर टीम भी आरोपी युवक को पकड़कर ले जा चुकी है। अब वह सीबीआई की रडार पर है। ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों की उम्र 25 से लेकर 30 वर्ष के बीच है। मोबाइल पर नेटवर्किंग करने के मामले में एक्सपर्ट बताए जा रहे हैं।
सीबीआई की टीम देख सन्न हुए लोग
संभल के लाडम सराय में डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामले में युवक को हिरासत में लेने की जानकारी तेजी से फैल गई। टीम ने घर में किसी को भी घुसने नहीं दिया। परिवार के लोगों को भी बाहर नहीं जाने दिया गया। दूसरी मंजिल पर ही परिवार के लोगों को टीम ने रखा।
इस दौरान मोबाइल फोन भी टीम ने जब्त कर लिए थे। बाद में टीम जब रवाना हुई तो परिवार के लोग बाहर निकल सके। स्थानीय पुलिस को इस कार्रवाई की जानकारी थी, लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा था।
डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामले में युवक की भूमिका होने की जानकारी पर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गईं। लोगों ने कहा कि युवक 10 वर्ष से कारखाना घर में ही चला रहा है। काम भी कोई बड़े स्तर का नहीं है। सामान्य काम चल रहा है। युवक अविवाहित है। परिजन युवक को लेकर परेशान हैं।
दो साल पहले युवक के खाते में आए थे ढाई करोड़ रुपये
संभल में हिरासत में लिए गए युवक के भाई ने बताया कि उनका भाई तो घर में ही जींस का कारखाना चलाता है। दो वर्ष पहले सेविंग खाते में किसी तरह 2.5 करोड़ रुपये आए थे। इसकी जानकारी बैंक को हुई तो पूछताछ के लिए बुलाया था।
जब बैंक को रुपये की जानकारी नहीं होने की बात बताई तो आयकर की टीम भी पूछताछ के लिए पहुंची थी। उसके बाद खाते को सीज कर दिया गया था। उसके बाद से खाते में कोई लेनदेन नहीं किया गया है।