उन्होंने कहा कि आजाद लड़ें या फिर पार्टी से लेकिन चुनाव संभल से ही लड़ा जाएगा। उन्होंने कैबिनेट मंत्री पर भ्रष्टाचार और विकास न करने का आरोप लगाया। बताया कि समर्थकों के कहने पर जियाउर्रहमान बर्क को चुनाव लड़ाने का निर्णय लिया गया है।
अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान पूर्व सांसद ने कहा कि समर्थक यह चाहते हैं कि जियाउर्रहमान बर्क संभल से चुनाव लड़ें। ऐसे में उन्हें मायूस नहीं किया जा सकता है। अगर पार्टी से टिकट नहीं मिला तो आजाद लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री के जुल्म और भ्रष्टाचार से परेशान होकर लोग जियाउर्रहमान बर्क से चुनाव लड़ने की मांग कर रहे हैं। इसीलिए हमने उनके नाम पर विचार किया और निर्णय लिया। कहा, मैंने कभी एक कौम के लिए नहीं बल्कि पूरी आवाम के लिए काम किया है।
संभल को पिछले पांच साल में लूटा गया है। जो रुपये संभल के विकास के लिए आए उस रुपये को कैबिनेट मंत्री ने अपने घर को बनाने में लगा दिया। आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में मुस्लिम समाज के लोगों ने कुर्बानी दी थी, जबकि आरएसएस के लोग नहीं थे। मुसलमान देश के विकास में हर मोर्चे पर शरीक रहा लेकिन मुसलमानों की उपेक्षा की गई है।
छात्रसंघ अध्यक्ष बोले-
युवा नेता ही युवाओं को समझ सकता है। ऐसे में एमजीएम कालेज के कई छात्रों के साथ हम डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क से मिले और जियाउर्रहमान बर्क को संभल से चुनाव लड़ाने की मांग की। उन्होंने हमारी मांग को पूरी करते हुए यह फैसला लिया है।
रजिउर्रहमान बर्क, छात्रसंघ अध्यक्ष एमजीएम कालेज संभल।