ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने के लिए जिला अस्पताल की तरह ब्लॉक स्तर पर भी जांच की सुविधा मिलेंगी। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना के तहत पवांसा सीएचसी पर पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) बनाई जाएगी। राज्यमंत्री गुलाब देवी ने अधिकारियों के साथ इसका शिलान्यास किया है।
योजना के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित सीएचसी पर जांच और इलाज की सुविधाएं बढ़ाने के लिए यूनिट स्थापित की गई है। जहां 15वें वित्त आयोग से निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पवांसा में बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। कुछ ही काम शेष है। दो महीने में यह चालू हो जाएगी, जबकि बहजोई सीएचसी में भी पब्लिक हेल्थ यूनिट बनेगी। इनके शुरू होने पर रोगियों के लिए सुविधाएं और बढ़ जाएंगी और उन्हें जिला अस्पताल की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। राज्यमंत्री ने बताया कि पब्लिक हेल्थ यूनिट में अच्छे डॉक्टर द्वारा खून की जांच की जाएगी। सीडीओ कमलेश सचान ने बताया कि पब्लिक हेल्थ यूनिट बनने से खून की जांच करने के लिए निजी लैबों पर नहीं जाना पड़ेगा।
महेश चंद्र जोशी ने बताया कि जिले में सभी सीएचसी पर सांप के काटने की वैक्सीन उपलब्ध है। जहां सांप के काटने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र लाकर मरीज का उपचार कर बचाया जा सकता है। इस दौरान अधिकारियों व नागरिकों को आयुष्मान भव कार्यक्रम के अंतर्गत अंगदान की शपथ भी दिलाई गई। इस दौरान अवधेश प्रताप सिंह, एसीएमओ डाॅ. पंकज विश्नोई, पवांसा चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. मनोज कुमार, डीपीएम संजीव राठौर, डीईआईसी प्रबंधक मनु तेवतिया, डीपीए एकांशु वशिष्ठ, मंशुक सक्सेना, राहुल राघव, राजकुमारी राघव, फार्मासिस्ट गिरीश शर्मा, मनवीर यादव मौजूद रहे।
सीएचओ को बांटे गए लैपटॉप
पवांसा सीएचसी परिसर में राज्यमंत्री द्वारा शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान पवांसा ब्लाॅक क्षेत्र के सीएचओ को लैपटॉप वितरित किए गए। सीडीओ कमलेश सचान, सीएमओ डॉ. तरन्नुम रजा भी साथ में रहीं। इस दौरान सीएचसी में पौधे रोपित करके इनके संरक्षण का संकल्प लिया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला चिकित्सक की तैनाती की मांग
जिला पंचायत सदस्य अवधेश प्रताप सिंह ने सीएमओ डाॅ. तरन्नुम रजा से पवांसा ब्लाॅक क्षेत्र के गांव अल्लीपुर बुजुर्ग पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला चिकित्सक की तैनाती करने की मांग उठाई। कहा कि क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के समय इधर-उधर न भटकना पड़ता है। जिससे उन्हें परेशानी होती है। महिला चिकित्सक की तैनाती से इससे राहत मिलेगी।
यह मिलेंगी सुविधाएं
ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट में विभिन्न तरह की जांच सुविधाएं होंगी, जो जांचें नहीं हो पाएंगी, उनके नमूने यूनिट में इकट्ठा कर जिला अस्पताल भेजा जाएगा। जांच की सुविधा मिलने पर ग्रामीणों को निजी पैथोलॉजी या जिला अस्पताल तक की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।