रजपुरा क्षेत्र के गवां में बच्चे की मौत के बाद गवां हसनपुर मार्ग पर शव रख जाम लगाकर हंगामा करते
गवां। रजपुरा थाना क्षेत्र के कस्बा गवां में मंगलवार सुबह अपंजीकृत अस्पताल संचालक पर ढाई माह के बालक का गलत उपचार करने से मौत का आरोप लगा है। परिजनों ने रोड जाम करके अस्पताल के बाहर हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों को समझाकर जाम खुलवाया और संचालक के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू की है।
रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव रजवाली निवासी अनिल कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने ढाई माह के बेटे अयांश को नौ सितंबर की सुबह बुखार होने पर कस्बा गवां स्थित अंपजीकृत क्लीनिक में भर्ती कराया। जहां इमामुद्दीन ने उपचार किया। आरोप है कि इन्होंने बच्चे को इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद बच्चे का शरीर लाल हो गया। बच्चे की हालत बिगड़ने पर पीड़ित निजी अस्पताल ले गए। जहां से हायर सेंटर रेफर किया गया लेकिन सुधार नहीं हुआ।
मंगलवार की सुबह ढाई माह के मासूम की अमरोहा जनपद के एक अस्पताल में मौत हो गई। मासूम की मौत से आक्रोशित परिजन बच्चे का शव लेकर कस्बा लौटे और अंपजीकृत अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा किया। संचालक के भाग जाने की खबर पर आक्रोशित परिजनों ने अन्य ग्रामीणों के साथ शव को गवां-हसनपुर मार्ग पर रख मुटैना मोड़ के नजदीक रखा और जाम लगाया।
करीब आधा घंटे जाम लगने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर आई पुलिस ने आरोपी पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाया। थाना प्रभारी निशांत कुमार राठी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया है। इमामुद्दीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।