बहजोई में तालाबंदी व हड़ताल के दौरान बैठे कलक्ट्रेट कर्मी।
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बहजोई। उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के तत्वावधान में 24 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारियों ने आंदोलन के दौरान दफ्तरों में तालाबंदी कर हड़ताल कर दी। वहीं, बैठक में संघ के जिलाध्यक्ष वीके पाली ने कहा कि प्रांतीय आह्वान पर संघ की ओर से 19 जुलाई से चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जा रहा है। लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक मांगों को लेकर कोई सुनवाई नहीं हुई है।
इसको लेकर तालाबंदी और हड़ताल की गई है। जिला मंत्री हैरान सिंह ने कहा कि कलक्ट्रेट का नाम कार्यालय जिलाधिकारी के स्थान पर मिनी/जनपद सचिवालय किया जाए। कलक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के दस प्रतिशत पदों पर प्रोन्नत किया जाए। नवीन पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। सामूहिक बीमा राशि 10 लाख रुपये की जाए।
निर्वाचन प्रक्रिया को संपन्न कराने में तैनात कलक्ट्रेट कर्मियों का बीमा कराया जाए। साथ ही उनको निर्वाचन कार्यालय में तैनात कार्मिकों की तर्ज पर एक माह का मानदेय दिया जाए। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति चाहने वाले कार्मिकों के आश्रितों को सेवायोजन प्रदान किया जाए। चिकित्सा प्रतिपूर्ति के रूप में मिलने वाली धनराशि को आयकर आगणन में सम्मलित नहीं किया जाए और केंद्र की भांति दो बच्चों तक उच्च शिक्षा के लिए भत्ता दिया जाए।
जिला मंत्री ने बताया कि 18 सितंबर 2019 को गांधी प्रतिमा जीपीओ पार्क हजरतगंज लखनऊ में प्रदेश के सभी कर्मचारी धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। हड़ताल और तालाबंदी के दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन प्रताप सिंह, कनिष्ठ उपाध्यक्ष दीक्षित चौधरी, महामंत्री अनूप कुमार, संगठन मंत्री प्रदीप कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष नरेश पाल सिंह, ऑडिटर स्वाति चौधरी, परामर्श दाता उमेश चंद्र, तेजभान सिंह आदि मौजूद रहे।