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कषि कानूनों के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान भवानीपुर और उधरनपुर में लगा जाम

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संभल के गांव मदाला फत्तेपुर में भाकियू असली के पदाधिकारियों ने कृषि कानूनों के विरोध में ऐसे किय? - फोटो : SAMBHAL
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संभल/चंदौसी। भारत बंद के दौरान जिले में 18 स्थानों पर किसान आंदोलन हुआ। आंदोलन के चलते कई स्थानों यातायात प्रभावित रहा पर जाम सिर्फ दो जगह ही लगा। जिले के 12 प्रमुख किसान नेताओं और राजनीतिक दलों के कुछ नेताओं को पुलिस ने घर से नहीं निकलने दिया। इसके बावजूद कुछ किसान नेता सड़क तक पहुंच गए। कृषि कानूनों का विरोध करते हुए मुरादाबाद-आगरा हाईवे और संभल चंदौसी मार्ग पर जाम लगाया। पुलिस ने विभिन्न स्थानों से भाकियू असली और भाकियू टिकैत गुट के 181 नेताओं, कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और बहजोई स्थित पुलिस लाइन में दिनभर रोके रखा। चंदौसी के सीओ अशोक कुमार ने शाम 5.30 बजे सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है।
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मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर उधरनपुर गांव में भाकियू असली के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। कार्यकर्ताओं ने ऋषिपाल सिंह यादव के नेतृत्व में जाम लगा दिया। दिन में 11 बजे से 12 बजे तक जाम लगाया। सीओ और एसडीएम मौके पर पहुंचे। जाम खुलवाने को लेकर पुलिस से भाकियू कार्यकर्ताओं की झड़प हुई। करीब 100 कार्यकर्ताओं को बस में बैठाकर पुलिस लाइन भेज दिया। जाम खुल गया। संभल-चंदौसी मार्ग पर भवानीपुर पुल के पास नरेश टिकैत के नेतृत्व वाली भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने दोपहर 12.30 बजे से 1.00 बजे तक जाम लगाया। तहसीलदार करन सिंह पुलिस के साथ पहुंचे। तीन पदाधिकारियों सुमित सिंह तेवतिया, संजीव चौधरी, अजीमुद्दीन को हिरासत में लेकर जाम खुलवाया।
असमोली के मदाला गांव में भाकियू असली के कार्यकर्ताओं ने जाम लगाने का प्रयास किया तो उन्हें पुलिस ने उन्हें हिरासत लिया और बस में भरकर असमोली थाने ले गए। सभी को शाम पांच बजे छोड़ा गया। संभल-चंदौसी मार्ग पर मोहम्मदपुर टांडा में अपने आवास पर नजर बंद कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विजय शर्मा जब घर से निकले तो पुलिस से उनकी झड़प हुई। सरायतरीन में अपने घर में नजर बंद सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खां पुलिस को चकमा देकर घर के पीछे से सीढ़ी लगाकर निकल गए तो पुलिस ने चौधरीसराय में उन्हें पीछा कर दोबारा हिरासत में लिया और इसके बाद वह देर शाम तक घर में ही नजरबंद रहे।
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जिले में अधिकतर व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले रहे। मोहम्मदपुर टांडा में तमाम दुकानें व्यापारियों ने स्वेच्छा से बंद कीं। सीओ अरुण कुमार और एसडीएम दीपेंद्र यादव तथा सभी थानों की पुलिस दिनभर अपने क्षेत्र में जाम न लगने देने के लिए सक्रिय रही। पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्रा ने बताया कि 14 किसान नेताओं को उनके ही घरों पर रोका गया था। जिन लोगों ने जाम लगाने का प्रयास किया है वहां से उन्हें पुलिस लाइन में डिटेन किया गया था। शाम को सभी को छोड़ दिया गया है।
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