नारी में भाकियू (अअ) की महापंचायत में मौजूद किसान।
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धनारी/चंदौसी। 83 दिन के बेमियादी धरने के बाद आखिरकार किसानों के धैर्य का बांध सोमवार को टूट गया। हजारों की संख्या में किसान धनारी रेलवे स्टेशन पर प्रस्तावित महापंचायत में पहुंच गए तो जिला प्रशासन में भी खलबली मच गई। तीन थानों की फोर्स को बुलाकर तैनात कर दिया गया। संबंधित अधिकारी भी आनन फानन में पहुंच गए। बांदीकुई पैसेंजर व लिंक एक्सप्रेस को धनारी में ट्रायल के रूप में स्टापेज देने पर रेल विभाग सहमत हो गया है।
किसानों की अन्य मांगों पर भी जिला प्रशासन राजी हो गया है।बांदीकुई पैसेंजर, लिंक एक्सप्रेस के ठहराव, गोवंशीय पशुओं की व्यवस्था व महावा नदी को पुनर्जीवन की मांग को लेकर भाकियू (अअ) के धरना धनारी रेलवे स्टेशन पर पिछले 83 दिनों से चल रहा था। किसानों ने रेलवे के जीएम से लेकर डीएम व कमिश्नर तक सभी अधिकारियों से मिलकर मांगे पूरी करने को कहा लेकिन किसी ने नहीं सुना।
आखिरकार किसानों का धैर्य जवाब दे गया। किसानों का साथ देने को राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह को धरना स्थल पर महापंचायत बुलानी पड़ी। जिसमें सोमवार को ट्रैक्टर ट्रालियों से हजारों की संख्या में किसान पहुंच गए तो पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। चौधरी हरपाल सिंह ने किसानों से अनिश्चितकाल के लिए रेलवे ट्रैक पर बैठने का ऐलान कर दिया। इससे पहले कि किसी रेल पटिरयों पर पहुंचते, उससे पहले ही उपजिलाधिकारी दीपेंद्र यादव व रेलवे के सहायक अवर अभियंता सुखवीर सिंह आदि मौके पर पहुंचे।
वार्ता के बाद तय किया गया कि छह महीने के लिए ट्रायल के रूप में दोनों ट्रेनों को धनारी में रोका जाएगा, राजस्व की स्थिति देखने के बाद इसे आगे बढाने का निर्णय लिया जाएगा। लेकिन किसान नेता ने कहा कि एक माह के अंदर यदि ट्रेनों का स्टापेज शुरू नहीं हुआ तो 25 फरवरी से फिर बेमियादी आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। उप जिलाधिकारी ने महावा नदी का कार्य शीघ्र शुरू कराने व गोवंशीय पशुओं की समस्या से निजात दिलाने का भी भरोसा दिया है। चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि चीनी मिलों से किसानों का बकाया भुगतान दिलाने ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने, किसानों की जमीन को बंधक नहीं बनाने आदि मुद्दो पर खुलकर किसानों का पक्ष रखा। हालांकि धरना ट्रेनों के स्टापेज होने तक जारी रहेगा।