जिला मुख्यालय संघर्ष समिति के सदस्यों और पदाधिकारियों ने नंदनपुर में मुख्यालय बनाए जाने के फैसले का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पांच किलोमीटर के दायरे में संभल का मुख्यालय बनाया जाए। पंवासा या उससे आसपास बनाया जाने वाला मुख्यालय संभल को मंजूर नहीं होगा।
समिति की बैठक के बाद सदस्यों ने बदायूं दरवाजा में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नंदनपुर गांव में जिला मुख्यालय बनाने की कवायद न की जाए क्योंकि मुख्यमंत्री ने खुद वायदा किया था कि संभल का मुख्यालय संभल के करीब होगा लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। इसलिए विरोध और आंदोलन की बात छेड़ी गई है। आंदोलन जारी रहेगा। डा. नाजिम, मुशीर खां, एहतेशाम, इनामुर्रहमान खां, आसिफ रजा आदि ने प्रदर्शन में भाग लिया।
आंदोलनकारियों ने 12 फरवरी को संभल बंद किया था। बंद के दौरान हंगामा हो गया था। इसमें आंदोलनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है लेकिन इसके बाद भी आंदोलनकारियों का हौसला नहीं टूटा है। वे लगातार आंदोलन की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
जिला मुख्यालय संघर्ष समिति शहर के साथ गांवों के लोगों को भी अपने आंदोलन से जोड़ेगी। उन्हें जिला मुख्यालय के मुद्दे पर जागरूक करेगी। इसके लिए नुक्कड़ सभाओं का दौर चलेगा। निकट भविष्य में क्रमिक अनशन भी शुरू किया जाएगा। यह जानकारी मुख्यालय संघर्ष समिति की बैठक के बाद डा. नाजिम ने दी। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को दबाया न जाए। बैठक की अध्यक्षता हाजी एहतेशाम ने की। इस मौके पर मुशीर खां तरीन, डा. परवेज, हाजी हबीब, जमाल तुर्की, रसीद अंसारी, हकीम कमरुज्ममा, राजेश्वरी त्यागी, शहनवाज संभली ने भाग लिया।