चंदौसी के रेलवे ट्रेनिंग स्कूल में अधिकारियों से भिड़ते लोग।
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चंदौसी। क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान चंदौसी में बनाए गए 200 बेड के अस्थायी कोरोना आइसोलेशन वार्ड में ईरान से आने वाले कोरोना आशंकितों 150 भारतीयों को अब चंदौसी नहीं लाया जाएगा। स्थानीय नागरिक, संगठन व रेलवे कर्मचारियों के विरोध के बाद प्रधानाचार्य पुष्पराज सिंह ने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यह सूचना दी है। आइसोवार्ड के लिए तीनों ब्लाकों को खाली करा दिया गया तथा सभी ट्रेनी को 31 मार्च तक अवकाश पर घर भेज दिया गया है।
बुधवार को चंदौसी के क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान केंद्र में स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर 200 बेड का अस्थायी आइसालेशन वार्ड बनाने के लिए मुरादाबाद रेल मंडल की टीम ने निरीक्षण किया था। गुरुवार को एडीआरएम मान सिंह मीना, सीएमएस डॉ. दिनेश मोहन प्रशिक्षण संस्थान पहुंचे। उन्होंने बताया कि यहां पर ईरान से आने वाले कोरोना आशंकित 150 भारतीयों को निगरानी में रखा जाएगा।
इसको लेकर चंदौसी में विरोध शुरू हो गया। भीड़ के विरोध को देखते हुए एडीआरएम व संस्थान के प्रधानाचार्य पुष्पराज सिंह ने रेलवे के उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया। हंगामे के बीच प्रधानाचार्य पुष्पराज सिंह आए तथा सार्वजनिक रूप से सूचना दी, कि उन्होंने उच्चाधिकारियों से बात की है। अब चंदौसी में बने कोरोना आइसोलेशन वार्ड में आशंकित भारतीय को नहीं लाया जाएगा। इसके बाद अन्य सूचना देने से इंकार कर दिया। एडीआरएम व अन्य अधिकारी वहां चले गए।