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ग्राम पंचायत सचिव के मासूम बेटे का फिरौती के लिए अपहरण, पुलिस कर रही है जांच पड़ताल

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संभल। पवांसा विकास खंड में तैनात ग्राम विकास अधिकारी के मासूम बेटे का फिरौती के लिए अपहरण किया गया। अपहरण उस समय हुआ जब मासूम बालक गुरुवार को दोपहर दो से तीन बजे के बीच अपने हम उम्र दो बच्चों के साथ घर के पास ही खेल रहा था।
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खेलते-खेलते मासूम लापता हो गया फिर शाम 5.20 बजे मासूम की मां के फोन पर कॉल आई जिसमें बीस लाख रुपये मांगे गए। इसके बाद एक और कॉल आई जिसमें आठ लाख रुपये मांगे गए और अपह्रर्ताओं ने कहा कि मासूम सुरक्षित है लेकिन बात नहीं कराएंगे। फिरौती की रकम के लिए फिर कहां आना है इसके लिए फिर से बताएंगे। अपह्रर्ताओं ने अपनी लोकेशन काशीपुर में बताई। पीड़ित परिवार ने तत्काल कोतवाली की पुलिस को अवगत कराया। कोतवाली पुलिस और एसओजी की टीम पूरे मामले में छानबीन कर रही है।
संभल के हल्लू सराय निवासी ग्राम विकास अधिकारी सुरजीत कुमार पवांसा ब्लॉक में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उनका बेटा युवराज (11) अपने घर पर था। चाचा सुरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक दो हम उम्र बच्चों के साथ युवराज घर के पास ही खेल रहा था। अचानक कहां चला गया? किसी को नहीं पता था लेकिन इसकी जानकारी तब हुई जब शाम 5.20 बजे युवराज की मां ममता के फोन नंबर पर अपहरण करने वालों की कॉल आई।
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अपह्रर्ताओं ने मासूम को छोड़ने के लिए फिरौती मांगी। सुरेंद्र कुमार ने बताया कि 5.30 पर दूसरी कॉल आई और इसमें अपहरण करने वालों ने मासूम को सुरक्षित बताया और फिरौती देने के लिए कहा। लेकिन मासूम से बात नहीं कराई। इसके बाद हमने सभी को जानकारी दी। फिर कोतवाली पुलिस को अलग कराया। भाजपा की नगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता भी इस मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस कोतवाली पहुंची। उन्होंने सीओ सिद्धार्थ से वार्ता की। सीओ ने कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद कोतवाली पुलिस और एसओजी को छानबीन के लिए लगाया गया है। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार जायसवाल भी पहुंच गए।
बार-बार कॉल मिलाई पर नहीं हो सकी बात
संभल। जिस नंबर से अपहरण करने वालों की कॉल आई थी। उस नंबर पर शाम 5.30 बजे के बाद कोई बात नहीं हो सकी। मासूम के चाचा सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वह बार-बार कॉल मिलाते रहे पर बात नहीं हो सकी। फोन नंबर बंद आ रहा था।
एक वर्ष पहले भी हुआ था अपहरण लेकिन छोड़ गए थे लोग
संभल। मासूम के चाचा सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एक-डेढ़ वर्ष पहले भी इसी मासूम के अपहरण का प्रयास किया गया था। एक काली बुलेरो से कुछ लोगों ने अपहरण किया था लेकिन तब सिपाही सामने से दिख गए थे तो अपहरण करने वाले मासूम को छोड़ कर भाग गए थे।
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